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गोंडा में 80 घंटे से बिजली संकट, 10 लाख आबादी परेशान; ग्रामीण इलाकों में अब तक आपूर्ति बहाल नहीं

 

गोंडा में पिछले तीन दिनों से बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित है। सोमवार सुबह आठ बजे तक भी ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी थी। लंबे समय से बिजली नहीं आने के कारण जिले की करीब 10 लाख की आबादी भीषण बिजली संकट का सामना कर रही है। कई गांवों में लोग लगातार अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।

लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। घरों में जरूरी काम प्रभावित हो रहे हैं। मोबाइल फोन चार्ज करने से लेकर पेयजल और घरेलू जरूरतों तक के लिए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय बिजली नहीं होने से ग्रामीण इलाकों में अंधेरे की स्थिति बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि बिजली संकट लगातार करीब 80 घंटे से बना हुआ है। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी है। लंबे समय तक बिजली नहीं आने से लोगों में नाराजगी भी बढ़ रही है। ग्रामीण बिजली व्यवस्था बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं।

बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर स्थानीय कारोबार और अन्य दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। छोटे दुकानदारों और बिजली पर निर्भर काम करने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, गर्मी और उमस के बीच बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, सोमवार सुबह तक कई इलाकों में स्थिति सामान्य नहीं हो पाई थी। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि बिजली आपूर्ति कब तक पूरी तरह बहाल होती है।गोंडा में लंबे समय से जारी बिजली संकट ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। करीब 80 घंटे से जारी समस्या के कारण बड़ी आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।