×

पेपर लीक बिल पर लोकसभा में सियासी घमासान, अखिलेश यादव ने BJP सरकार पर साधा निशाना; रिजिजू ने इमरजेंसी की दिलाई याद

 

लोकसभा में सोमवार को एंटी पेपर लीक संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने बिल पर चर्चा करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी, जंतर-मंतर प्रदर्शन और पुलिस लाठीचार्ज जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा

लोकसभा में बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार को युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं को लेकर चिंता जताई और कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय न हो।

उन्होंने चर्चा के दौरान अन्य मुद्दों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर विपक्ष और छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और लाठीचार्ज का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।

राम मंदिर चढ़ावे के मुद्दे का किया जिक्र

अखिलेश यादव ने अपने संबोधन में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की चोरी के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों और आस्था से जुड़े मामलों में भी पारदर्शिता जरूरी है। उनके बयान के बाद सदन में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।

रिजिजू ने इमरजेंसी का किया जिक्र

अखिलेश यादव के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने जवाब देते हुए वर्ष 1975 की इमरजेंसी का जिक्र किया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करने वालों को अपने इतिहास को भी याद रखना चाहिए।

रिजिजू ने कहा कि देश ने इमरजेंसी के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर प्रतिबंध का दौर देखा है और उस समय की घटनाओं को भुलाया नहीं जा सकता।

सदन में हुआ हंगामा

पेपर लीक संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कई बार सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद आमने-सामने दिखाई दिए। दोनों पक्षों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। सदन में शोर-शराबे के बीच चर्चा जारी रही।

पेपर लीक रोकने के लिए संशोधन बिल

गौरतलब है कि पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनुचित साधनों पर रोक लगाना है। सरकार का कहना है कि संशोधनों से परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा, जबकि विपक्ष इसे लेकर कई सवाल उठा रहा है।

लोकसभा में हुई इस बहस के दौरान एक बार फिर पेपर लीक का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।