यूपी में पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, लखनऊ में ईंधन महंगा होने से लोगों पर बढ़ा बोझ
उत्तर प्रदेश में आम जनता को महंगाई का एक और झटका लगा है। मंगलवार के बाद एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस ताजा संशोधन के तहत पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गई है।
इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी लखनऊ में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 99.31 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि डीजल का भाव 92.70 रुपये प्रति लीटर हो गया है। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ परिवहन और व्यापार जगत पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का सीधा असर घरेलू ईंधन दरों पर पड़ रहा है। तेल विपणन कंपनियों द्वारा रोजाना के आधार पर कीमतों में संशोधन किए जाने के कारण उपभोक्ताओं को लगातार बदलते दामों का सामना करना पड़ रहा है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर परिवहन क्षेत्र पर पड़ने की संभावना है। ट्रक, बस और टैक्सी चालकों का कहना है कि ईंधन महंगा होने से उनकी परिचालन लागत बढ़ रही है, जिसका सीधा असर किराए और माल ढुलाई पर पड़ सकता है। इसके चलते रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि की आशंका जताई जा रही है।
आम उपभोक्ताओं ने भी लगातार बढ़ती कीमतों पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि पहले से ही महंगाई का दबाव बना हुआ है और ऐसे में ईंधन की कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी घरेलू बजट को और बिगाड़ रही है।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव केवल पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरी सप्लाई चेन को प्रभावित करता है। इससे परिवहन लागत बढ़ती है और अंततः इसका असर खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई देता है।
फिलहाल कीमतों में यह बढ़ोतरी लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है और आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।