×

प्रतापगढ़ में एक ही परिवार के 6 सदस्यों की मौत से टूटा अमन, बोला- ‘पल भर में मेरी पूरी दुनिया उजड़ गई’

 

“परिवार के चले जाने का दर्द कोई नहीं समझ सकता। पल भर में मेरी पूरी दुनिया उजड़ गई... क्या ही बताऊं।” यह कहते-कहते प्रतापगढ़ के अमन श्रीवास्तव की आंखें भर आईं। कुछ दिन पहले तक जिस परिवार के साथ उन्होंने भविष्य के सपने देखे थे, गुरुवार को उसी परिवार के छह सदस्यों की चिताओं को एक-एक कर मुखाग्नि देनी पड़ी।

अमन ने रुंधे गले से बताया कि पिछले 5-6 साल से परिवार के लोग अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। परिवार के साथ जुड़े सपने और उम्मीदें अचानक एक ऐसी घटना के बाद खत्म हो गईं, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। एक साथ परिवार के छह सदस्यों की मौत ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है।

गुरुवार का दिन अमन के लिए जिंदगी का सबसे कठिन दिन बन गया। एक के बाद एक परिवार के छह सदस्यों की अंतिम यात्रा निकली और अमन को ही उनकी चिताओं को मुखाग्नि देनी पड़ी। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। परिजनों और रिश्तेदारों के बीच मातम पसरा रहा।

अमन बार-बार अपने परिवार को याद कर भावुक हो रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के साथ उन्होंने जीवन बिताया, उन्हीं लोगों को अपनी आंखों के सामने खो देना किसी भी इंसान के लिए असहनीय है। परिवार के साथ भविष्य को लेकर जो सपने देखे थे, वे अचानक खत्म हो गए।

परिवार के छह सदस्यों की मौत के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। रिश्तेदार और परिचित लगातार परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं, लेकिन अमन के लिए इस दुख से बाहर निकलना बेहद मुश्किल है। वह अपने परिवार के साथ बिताए पुराने दिनों को याद कर भावुक हो जाते हैं।

अमन ने बताया कि परिवार के सदस्य हमेशा एक-दूसरे का सहारा बने रहे। मुश्किल समय में भी सभी ने साथ मिलकर परिस्थितियों का सामना किया। पिछले कुछ वर्षों में परिवार ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि एक दिन उन्हें अपने ही छह परिजनों की चिताओं को मुखाग्नि देनी पड़ेगी।

गुरुवार को अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा। परिवार और गांव के लोगों ने नम आंखों से मृतकों को अंतिम विदाई दी। अमन के सामने एक साथ छह अपनों की चिताएं जल रही थीं और वह खुद को संभालने की कोशिश कर रहे थे।

इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। एक ही परिवार के छह लोगों की मौत के बाद हर कोई अमन और उनके परिवार के दुख में शामिल है। अमन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इस गहरे सदमे से उबरना है। उनके शब्दों में परिवार को खोने का दर्द साफ दिखाई देता है—