शराब कांड में मौत का दर्द: “काश चाचा शराब नहीं पीते”, वीडियो में जाने तड़पते हुए देखा परिवार ने; 26 आरोपियों पर केस, 10 हिरासत में
शराब से हुई मौतों के मामले में एक परिवार का दर्द सामने आया है। अपने चाचा को आखिरी वक्त में तड़पते हुए देखने वाली भतीजी की आंखों से आंसू थम नहीं रहे हैं। कीर्ति लोधी ने बताया कि उनके चाचा करतार सिंह लोधी शराब पीकर घर लौटे थे। कुछ देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कीर्ति ने भावुक होते हुए बताया, “चाचा अपने बाल नोंच रहे थे, माथा पीट रहे थे। उनकी आंखें धुंधली हो गई थीं। हालत इतनी खराब हो गई थी कि वह परिवार के लोगों को भी पहचान नहीं पा रहे थे। उनका शरीर नीला पड़ गया था।”
शराब पीने के बाद बिगड़ी हालत
जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम करतार सिंह शराब पीकर घ पहुंचे थे। घर आने के कुछ समय बाद उन्हें उल्टियां होने लगीं। परिवार के लोगों ने पहले स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन जब हालत लगातार बिगड़ती गई तो उन्हें अस्पताल ले जाया गया।अस्पताल में इलाज के दौरान करतार सिंह की मौत हो गई। परिवार के मुताबिक, उन्होंने कई बार उन्हें शराब छोड़ने के लिए समझाया था, लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी।कीर्ति ने कहा, “परिवार ने उन्हें अपनी आंखों के सामने तड़पते देखा। काश, वह शराब नहीं पीते। हमने अपने चाचा को खो दिया।”
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घुघरा खुर्द निवासी करतार सिंह चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। उनके पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। परिवार के लिए उनकी मौत बड़ा सदमा है।परिजनों का कहना है कि शराब की वजह से एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। उन्होंने प्रशासन से ऐसे अवैध शराब कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े।
शराब कांड में कार्रवाई तेज
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। शराब कांड को लेकर अब तक 26 से ज्यादा आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया जा चुका है। इनमें से 10 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।इसके अलावा मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में 5 अधिकारियों को निलंबित किया गया है। प्रशासन की ओर से पूरे मामले की जांच की जा रही है।
अवैध शराब नेटवर्क पर शिकंजा
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब या अवैध शराब की सप्लाई कहां से हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। जांच एजेंसियां आरोपियों के संपर्क, सप्लाई चैन और स्थानीय नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं।प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है।इस हादसे ने एक बार फिर अवैध शराब के खतरे को सामने ला दिया है। परिवारों का कहना है कि कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को भी शराब के नुकसान के प्रति जागरूक करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।