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BHU में पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी से मारपीट के आरोपों की जांच के लिए बनी तीन सदस्यीय समिति, चीफ प्रॉक्टर समेत ये अधिकारी शामिल

 

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के सर सुंदरलाल अस्पताल में कार्डियोथोरेसिक सर्जन रहे पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी के साथ वार्ड में मारपीट के आरोपों ने हड़कंप मचा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति में बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर, आईएमएस निदेशक और डीसीपी काशी को शामिल किया गया है। जानकारी के मुताबिक, प्रो. टीके लाहिड़ी के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायत सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने मामले की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर प्रो. लाहिड़ी के स्वास्थ्य की स्थिति जानी और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

प्रो. लाहिड़ी की बहन ने बीएचयू और अस्पताल प्रशासन को ई-मेल भेजकर शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कार्डियोथोरेसिक विभाग के एक डॉक्टर ने प्रो. लाहिड़ी के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। शिकायत के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू की गई।प्रो. टीके लाहिड़ी लंबे समय से बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में भर्ती हैं। वह देश के जाने-माने कार्डियोथोरेसिक सर्जन रहे हैं और चिकित्सा क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा जा चुका है।

अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से किया इनकार

वहीं, बीएचयू प्रशासन और अस्पताल के अधिकारियों ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि प्रो. लाहिड़ी का लगातार इलाज और देखभाल की जा रही है। आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक ने भी वार्ड में पहुंचकर उनका हालचाल लिया।अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। समिति सभी पक्षों से जानकारी जुटाकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।

मामले पर बढ़ा सियासी दबाव

प्रो. लाहिड़ी से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ले चुके हैं। वहीं, छात्रों और अन्य संगठनों ने भी निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग उठाई है।फिलहाल तीन सदस्यीय समिति को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।