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सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी पर शिवमय हुआ बलिया, बारिश के बीच मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

 

बलिया में पवित्र श्रावण मास की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी के अवसर पर पूरा जिला शिवमय नजर आया। सुबह से हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा सकी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के शिवालयों के साथ नाग देवता के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती रही। मंदिरों में हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा।

सावन की तीसरी सोमवारी को भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए विशेष महत्व माना जाता है। इसी के साथ नाग पंचमी का पर्व होने से इस दिन शिव भक्तों के उत्साह में और इजाफा हो गया। श्रद्धालु सुबह से ही बारिश के बीच मंदिरों में पहुंचते रहे और भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।

भक्तों ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र, फूल, धतूरा और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। कई मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक भी किया। नाग पंचमी के अवसर पर नाग देवता के मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की गई। लोगों ने नाग देवता को दूध अर्पित कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

बारिश के कारण मंदिरों और आसपास के रास्तों पर लोगों को कुछ परेशानी जरूर हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या में कमी नहीं आई। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा छाता लेकर मंदिरों तक पहुंचते नजर आए। कई जगह भक्त बारिश में भी कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

शहर से लेकर गांवों तक प्रमुख शिवालयों में विशेष सजावट की गई। मंदिरों में सुबह से पूजा, आरती और भजन-कीर्तन का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर समितियों और स्थानीय लोगों की ओर से व्यवस्थाएं की गईं। कई स्थानों पर पेयजल और प्रसाद की व्यवस्था भी की गई।

प्रशासन की ओर से भी प्रमुख मंदिरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। श्रद्धालुओं की कतार को व्यवस्थित करने और मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस तथा स्वयंसेवक सक्रिय रहे।

नाग पंचमी को लेकर नाग देवता के मंदिरों में भी भक्तों की विशेष आस्था देखने को मिली। मान्यता के अनुसार इस दिन नाग देवता की पूजा करने से परिवार पर नाग दोष और सर्प भय से रक्षा होती है। इसी विश्वास के चलते लोगों ने विधि-विधान से पूजा कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी के एक साथ पड़ने से बलिया में धार्मिक उत्साह चरम पर रहा। बारिश के बीच मंदिरों में उमड़ी भीड़ और गूंजते हर-हर महादेव के जयकारों ने पूरे जिले को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और नाग देवता की पूजा कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।