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ओम प्रकाश राजभर की कांग्रेस-सपा को सलाह, मुस्लिम नेता को CM चेहरा घोषित करने को कहा

 

उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को लेकर बड़ा बयान दिया है। राजभर ने दोनों दलों को सलाह दी कि उन्हें किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना चाहिए। उनका यह बयान कांग्रेस में हालिया संगठनात्मक बदलाव के बाद आया है।

कांग्रेस ने हाल ही में आराधना मिश्रा ‘मोना’ को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया है, जबकि सहारनपुर से सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। इन नियुक्तियों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि केवल संगठन में बदलाव करने से कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कांग्रेस से मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की बात कही।

सपा को भी दी यही सलाह

ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी को भी इसी तरह की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा को मुस्लिम समुदाय से समर्थन मिला है और ऐसे में दोनों दलों को मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने पर विचार करना चाहिए। यह बयान राजभर की ओर से दिया गया राजनीतिक सुझाव है, जबकि कांग्रेस और सपा की ओर से मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर अलग-अलग रणनीति हो सकती है।

राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल संगठन मजबूत करने और अपनी चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटे हैं। कांग्रेस में प्रदेश नेतृत्व में बदलाव और इमरान मसूद को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने के बाद राज्य की राजनीति में इसे लेकर चर्चा भी शुरू हुई है।

महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस-सपा पर निशाना

राजभर ने महिला आरक्षण से जुड़े कानून को लेकर भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया था। राजभर ने सवाल उठाया कि यदि ऐसा था तो ये पार्टियां महिलाओं के बीच जाकर उनसे वोट कैसे मांगेंगी।

उन्होंने कहा कि महिलाएं राजनीतिक मुद्दों को लेकर जागरूक हैं और चुनाव के दौरान पार्टियों से उनके पुराने रुख को लेकर सवाल कर सकती हैं। महिला आरक्षण को लेकर संसद में विभिन्न दलों के बीच अलग-अलग आपत्तियां और मांगें भी सामने आती रही हैं।

फिलहाल राजभर के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और सपा की रणनीति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले समय में दोनों दल मुख्यमंत्री पद के चेहरे और महिला आरक्षण जैसे मुद्दों पर क्या रुख अपनाते हैं, इस पर नजर रहेगी।