ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जोरदार हमला किया है। राजभर ने मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में हिंसा और कत्लेआम हो रहा था, लेकिन तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सैफई में बैठकर नाच-गाने में व्यस्त थे।
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे उत्तर प्रदेश की इतिहास की काली घटनाओं में से एक थे, जिसमें हजारों लोगों की जान और संपत्ति प्रभावित हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय सपा नेतृत्व अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह विफल रहा। राजभर ने यह भी आरोप लगाया कि उस समय पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह से विफल रही, और मुख्यमंत्री की गैरमौजूदगी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ओमप्रकाश राजभर का यह बयान अखिलेश यादव और सपा नेतृत्व पर कटाक्ष के रूप में आया है, जो आगामी चुनावी मौसम में राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकता है। राजभर ने अपने बयान में यह भी कहा कि वर्तमान सरकार अपराध और हिंसा को रोकने में पूरी सक्रियता दिखा रही है, जबकि विपक्ष केवल पुराने मामलों को उठाकर राजनीति कर रहा है।
मुजफ्फरनगर दंगे 2013 में हुए थे, जिसमें सैकड़ों लोग घायल हुए और कई परिवार विस्थापित हुए थे। ओमप्रकाश राजभर ने यह भी कहा कि उस समय यदि मुख्यमंत्री और सपा नेतृत्व तुरंत कार्रवाई करते, तो हत्या और आगजनी की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता था।
राजभर के इस बयान के बाद सपा ने भी पलटवार किया और कहा कि राजनीतिक बयानबाजी में तथ्यों का ध्यान रखना आवश्यक है। सपा नेताओं ने कहा कि दंगों की घटना में कई पहलू थे और केवल मुख्यमंत्री को दोष देना सियासी मुद्दों को बढ़ाने जैसा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान यूपी की सियासत में पुरानी घटनाओं को लेकर वर्तमान राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों के करीब आते ही सभी दल अपने विरोधियों पर आरोप और कटाक्ष तेज कर देते हैं, ताकि जनता के मन में छवि बनाई जा सके।
ओमप्रकाश राजभर का यह बयान सपा पर नकारात्मक प्रकाश डालने और अपने राजनीतिक प्रभाव को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार विकास, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर फोकस कर रही है, और सियासी आरोपों से प्रभावित नहीं होगी।
कुल मिलाकर, ओमप्रकाश राजभर का यह बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में नया विवाद खड़ा कर गया है। मुजफ्फरनगर दंगों के पुरानी घटनाओं का हवाला देकर किए गए आरोपों ने सपा और SBSP के बीच राजनीतिक टकराव को और गहरा कर दिया है। यह स्पष्ट है कि आगामी चुनावों में ऐसे बयान राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बने रहेंगे और जनता के बीच चर्चा का विषय बने रहेंगे।