त्योहारों पर फील्ड में रहें अधिकारी, महिला सुरक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: सीएम योगी; देवी मंदिरों में 24 घंटे CCTV निगरानी के निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को सतर्क रहने तथा लगातार फील्ड में मौजूद रहने के सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने नवरात्रि के दौरान प्रमुख देवी मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था रहे मजबूत
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम समय से पूरे किए जाएं। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख धार्मिक स्थलों का निरीक्षण भी करें। व्यवस्था में किसी तरह की कमी मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
त्योहारों के दौरान मंदिरों और बाजारों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
सीएम योगी ने महिला सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में तत्परता से कार्रवाई की जाए। सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी रखी जाए।
महिला सुरक्षा से संबंधित शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी भी महत्वपूर्ण होगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि त्योहारों के दौरान महिलाएं बिना किसी भय के धार्मिक और सार्वजनिक आयोजनों में भाग ले सकें।
देवी मंदिरों में 24 घंटे CCTV निगरानी
नवरात्रि के दौरान प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचती है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसरों में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रवेश और निकास मार्गों, भीड़भाड़ वाले स्थानों तथा संवेदनशील हिस्सों पर विशेष नजर रखने की जरूरत होगी।
इसके साथ ही पुलिसकर्मियों की तैनाती, भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी तैयारियां करने पर भी जोर दिया गया है। मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारु बनाया जा सकता है।
अधिकारियों की जवाबदेही होगी अहम
मुख्यमंत्री के निर्देशों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना है। इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता तथा आपसी तालमेल महत्वपूर्ण रहेगा। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और किसी भी अप्रिय स्थिति पर तत्काल कार्रवाई करने की व्यवस्था की जानी चाहिए।
सीएम योगी ने साफ संदेश दिया है कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। अब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होगी कि वे इन निर्देशों को जमीन पर लागू करें और श्रद्धालुओं सहित आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।