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बुलंदशहर में नूपुर शर्मा का महिला सशक्तिकरण पर जोर, PM मोदी की तारीफ

 

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की निलंबित पदाधिकारी नूपुर शर्मा ने महिला सशक्तिकरण और शिक्षा पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि देश की महिलाओं को शिक्षित, प्रोत्साहित और सशक्त बनाया जाना चाहिए।

नूपुर शर्मा ने कहा, “मैं देशभर की सभी बहनों को यह याद दिलाना चाहती हूं कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार सरकार में आए थे, तब उन्होंने घोषणा की थी कि उनका तीसरा कार्यकाल बहनों के नाम होगा। इस दौरान उन्होंने महिलाओं और बेटियों के लिए लखपति दीदी योजना को लेकर भी अपील की थी।”

उनका यह संदेश बुलंदशहर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान साझा किया गया, जिसमें उन्होंने महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया। नूपुर शर्मा ने कहा कि महिलाओं को केवल शिक्षा प्रदान करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें निर्णय लेने और समाज में बराबरी का दर्जा पाने के लिए सशक्त बनाना भी जरूरी है।

इस कार्यक्रम में बीजेपी कार्यकर्ताओं और स्थानीय महिलाओं की उपस्थिति रही। नूपुर शर्मा ने कहा कि महिलाएं समाज का अधार और भविष्य हैं और उनका विकास देश की प्रगति के लिए आवश्यक है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए सरकारी योजनाओं और समाजिक पहल दोनों को महत्व दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि नूपुर शर्मा का यह कदम बीजेपी की महिला समर्थक नीतियों और जनसंपर्क रणनीति को उजागर करने वाला है। उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि महिलाओं को सामाजिक और राजनीतिक रूप से भागीदारी का मौका मिलना चाहिए, जिससे समाज में उनके अधिकार और सम्मान की सुरक्षा हो सके।

स्थानीय लोगों और महिला कार्यकर्ताओं ने नूपुर शर्मा के संदेश और पहल की सराहना की। उनका कहना था कि यह कार्यक्रम महिलाओं को प्रेरित करने और उन्हें समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने वाला है।

नूपुर शर्मा ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी के तीसरे कार्यकाल के वादों का हवाला देते हुए कहा कि उनकी कोशिश यही है कि महिलाओं के लिए योजनाओं का प्रभाव जमीन तक पहुंचे और हर महिला तक उनके अधिकार और अवसर पहुंचें।

इस प्रकार, बुलंदशहर में आयोजित कार्यक्रम में नूपुर शर्मा का महिला सशक्तिकरण और शिक्षा पर जोर और पीएम मोदी की तारीफ का संदेश राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में उनकी भागीदारी के लिए संदेश देने वाला साबित हुआ है।