कुख्यात कफ सिरप तस्कर विकास सिंह नरवे ने फरारी में मंदिरों का किया सहारा, पुलिस 45 दिन तक रही सतर्क
कुख्यात अपराधी विकास दुबे की तर्ज पर ही कफ सिरप तस्करी का आरोपी विकास सिंह नरवे ने फरारी के दौरान मंदिरों को अपना ठिकाना बनाया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विकास सिंह ने फरारी के दौरान केवल एक या दो नहीं, बल्कि एक दर्जन से अधिक मंदिरों में मत्था टेकते हुए अपने ठिकानों को छुपाया और आसपास के इलाकों का इस्तेमाल पुलिस को चकमा देने के लिए किया।
एसआईटी की टीम ने आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करने और गिरफ्तारी के लिए 45 दिनों तक प्रतिदिन 14 घंटे लगातार सर्विलांस पर सक्रिय रहकर इस गिरोह की हर गतिविधि पर नजर रखी। सूत्रों के अनुसार, जैसे ही पुलिस को किसी ठिकाने की जानकारी मिलती, विकास सिंह तुरंत उसे छोड़कर नया ठिकाना बदल लेता था, जिससे गिरफ्तारी प्रक्रिया जटिल होती गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान मंदिर परिसरों में छिपकर रहने का फायदा उठाकर विकास सिंह ने अपने ट्रैक को लगातार बदलते हुए किसी भी समय पकड़ से बचने की कोशिश की। ऐसे में एसआईटी की सतत निगरानी और गहन सर्विलांस रणनीति ही गिरफ्तारी के लिए निर्णायक साबित हुई।
मीडिया और पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराधी किसी भी तरह के सार्वजनिक या धार्मिक स्थल का सहारा लेकर पुलिस को चकमा दे सकते हैं, और ऐसे मामलों में गहन और धैर्यपूर्ण जांच की आवश्यकता होती है।
एसआईटी का कहना है कि अब तक की लगातार निगरानी और रणनीतिक कदमों के चलते आरोपियों की गिरफ्तारी की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि फरार अपराधियों के लिए कोई जगह सुरक्षित नहीं है और सभी ठिकानों की गहन जांच की जाएगी।