नोएडा महर्षि आश्रम ट्रस्ट भूमि घोटाला: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर SIT ने तेज की जांच, अधिकारियों से पूछताछ
सेक्टर-110 स्थित महर्षि आश्रम ट्रस्ट की 3.36 एकड़ जमीन की बिक्री और उससे जुड़े कथित भूमि घोटाले की जांच अब तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने गुरुवार को मामले में नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन के अधिकारियों से विस्तृत पूछताछ की।
जानकारी के अनुसार, एसआईटी इस पूरे मामले में जमीन के आवंटन, बिक्री प्रक्रिया, दस्तावेजों की वैधता और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है। गुरुवार को टीम ने नोएडा प्राधिकरण और प्रशासनिक अधिकारियों से कई बिंदुओं पर जानकारी जुटाई।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महर्षि आश्रम ट्रस्ट की जमीन की बिक्री किस प्रक्रिया के तहत हुई और इसमें नियमों का पालन किया गया या नहीं। इसके अलावा जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, अनुमति, फाइल नोटिंग और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने अधिकारियों से जमीन के स्वामित्व, हस्तांतरण और प्राधिकरण स्तर पर हुई कार्रवाई से संबंधित जानकारी मांगी है। जांच के दौरान उन सभी लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है, जो इस प्रक्रिया से किसी भी रूप में जुड़े रहे हैं।
मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एसआईटी का गठन किया गया था। इसके बाद जांच टीम ने संबंधित विभागों से रिकॉर्ड जुटाने और अधिकारियों से पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय होगी।
भूमि घोटाले के आरोपों के सामने आने के बाद यह मामला काफी चर्चा में रहा है। आरोप है कि ट्रस्ट की जमीन के लेनदेन में अनियमितताएं हुईं, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही इन आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन के अधिकारियों से पूछताछ के बाद अब एसआईटी अन्य संबंधित लोगों को भी जांच के दायरे में ला सकती है। टीम दस्तावेजों और बयानों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
फिलहाल जांच जारी है। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद ही यह साफ होगा कि जमीन बिक्री प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई या नहीं और यदि हुई तो इसके लिए कौन जिम्मेदार हैं।