नोएडा हेट क्राइम मामले में सुप्रीम कोर्ट की यूपी पुलिस पर नाराजगी, जांच पर उठे सवाल
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने 2021 के नोएडा हेट क्राइम मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि मामले में दर्ज की गई धाराओं और शुरुआती जांच में गंभीर चूक सामने आई है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने 16 फरवरी को राज्य सरकार की ओर से दिए गए बयान का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153-बी और 295-ए के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए था। हालांकि, कोर्ट ने संकेत दिया कि प्रारंभिक कार्रवाई इस दिशा में अपेक्षित गंभीरता के साथ नहीं की गई।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हेट क्राइम जैसे मामलों में पुलिस की भूमिका बेहद संवेदनशील होती है और शुरुआती स्तर पर ही सही कानूनी धाराओं का प्रयोग किया जाना आवश्यक है, ताकि जांच प्रभावित न हो और न्याय प्रक्रिया मजबूत बनी रहे।
इस मामले में अदालत ने यह भी कहा कि जांच की प्रक्रिया में लापरवाही या ढिलाई न्याय व्यवस्था पर गंभीर असर डाल सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में कानून के अनुसार सख्ती और पारदर्शिता अनिवार्य है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे मामले की आगे की जांच और कार्रवाई को लेकर संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। साथ ही यह संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में पुलिस की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह टिप्पणी न केवल इस मामले तक सीमित है, बल्कि यह देशभर में हेट क्राइम मामलों की जांच प्रक्रिया पर भी एक महत्वपूर्ण संदेश देती है।
फिलहाल, इस मामले की अगली सुनवाई में पुलिस की जांच रिपोर्ट और राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की समीक्षा की जाएगी।