यूपी बैंक करेंसी चेस्ट में मिले 17 करोड़ से ज्यादा के नकली नोटों की जांच एनआईए के हवाले, रातभर खंगाले गए रिकॉर्ड
उत्तर प्रदेश के एक बैंक करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नकली नोट मिलने के मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में ले ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए की आठ सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। टीम ने रातभर बैंक से जुड़े दस्तावेजों, रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को खंगाला और नकली नोटों के नेटवर्क तक पहुंचने के लिए सुराग जुटाने की कोशिश की।
जानकारी के अनुसार, बैंक के करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में नकली भारतीय मुद्रा मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई थीं। करेंसी चेस्ट में जमा नोटों की जांच के दौरान इतनी बड़ी संख्या में नकली नोट मिलने से बैंकिंग व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी गई है।
एनआईए की टीम ने जांच के शुरुआती चरण में बैंक अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की। इसके साथ ही करेंसी चेस्ट में नोटों के आने-जाने की प्रक्रिया, रिकॉर्ड में दर्ज लेनदेन और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे और इसके पीछे किसी बड़े गिरोह या संगठित नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, एनआईए टीम ने बैंक के रिकॉर्ड, नोटों की जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेकर उनकी समीक्षा शुरू कर दी है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि नकली नोटों की पहचान पहले क्यों नहीं हो पाई और इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की लापरवाही या संलिप्तता हो सकती है।
नकली भारतीय मुद्रा का मामला देश की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा हुआ माना जाता है। ऐसे मामलों में अक्सर अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका की आशंका रहती है। इसी वजह से एनआईए इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली नोट कहां से आए, इन्हें किस माध्यम से बैंकिंग प्रणाली तक पहुंचाया गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल एनआईए की टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और बैंक अधिकारियों समेत अन्य संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है। एजेंसी की रिपोर्ट के बाद ही इस पूरे नेटवर्क की तस्वीर साफ हो सकेगी।