नेपाल की बाढ़ का असर हुआ कम, महाराजगंज में घटने लगा गंडक का जलस्तर; 24 घंटे निगरानी जारी
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में बढ़ी चिंता के बीच अब महाराजगंज के लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। जिले में गंडक नदी का जलस्तर अब धीरे-धीरे घटने लगा है। नेपाल में अचानक आए तेज जलप्रवाह के कारण गंडक का पानी बढ़ गया था, जिसके बाद महाराजगंज प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए अलर्ट जारी किया था। फिलहाल स्थिति में सुधार के बावजूद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नेपाल की बाढ़ से बढ़ा था गंडक का पानी
नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में अचानक तेज जलप्रवाह और बाढ़ आने के बाद इसका असर भारत-नेपाल सीमा से लगे इलाकों में दिखाई देने की आशंका जताई गई थी। इसी वजह से महाराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सीमावर्ती जिलों में अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए थे।
24 घंटे गंडक नदी की निगरानी
महाराजगंज प्रशासन की ओर से गंडक नदी के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। नदी के आसपास के निचले और तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग, पुलिस और आपदा राहत से जुड़ी टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखी गई हैं।प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें। साथ ही किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करने और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करने को कहा गया है।
सोहगीबरवा क्षेत्र में बढ़ी थी चिंता
नेपाल में आई बाढ़ के बाद महाराजगंज के सोहगीबरवा क्षेत्र में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया था। प्रशासन ने प्रभावित हो सकने वाले परिवारों को लेकर पहले से तैयारियां शुरू कर दी थीं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की योजना बनाई गई थी।अब गंडक का जलस्तर नीचे आने से स्थानीय लोगों और प्रशासन को कुछ राहत मिली है। हालांकि मानसून के दौरान नदी के जलस्तर में दोबारा उतार-चढ़ाव की संभावना को देखते हुए निगरानी जारी रखी जा रही है।
फिलहाल टला बड़ा खतरा
ताजा स्थिति के अनुसार गंडक का जलस्तर घटने से तत्काल बड़े बाढ़ खतरे की आशंका कम हुई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि बढ़े हुए जलप्रवाह के बावजूद उत्तर प्रदेश में गंडक के खतरे के निशान से ऊपर जाने की संभावना फिलहाल कम है।फिर भी प्रशासन किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। अधिकारियों का कहना है कि नदी के जलस्तर और आसपास के हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थिति सामान्य रहने पर आने वाले समय में अलर्ट में भी राहत दी जा सकती है।