मुजफ्फरनगर में सनसनीखेज वारदात: दो सगी बेटियों पर पिता की हत्या का आरोप
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से हत्या की एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जिले में एक पिता की कथित रूप से उसकी ही दो सगी बेटियों ने चाकू से गोदकर हत्या कर दी। घटना के सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वारदात देर रात की बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि परिवार के भीतर लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बेटियों ने आरोप लगाया है कि उनके पिता बेटा और बेटी में भेदभाव किया करते थे। इसी कथित भेदभाव और घरेलू विवाद से तंग आकर उन्होंने यह कदम उठाया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। पुलिस ने दोनों बेटियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, परिवार में आए दिन विवाद की स्थिति रहती थी। पड़ोसियों ने भी पुलिस को बताया कि घर से अक्सर झगड़े की आवाजें आती थीं। हालांकि, किसी को अंदेशा नहीं था कि मामला इस हद तक पहुंच जाएगा। घटना के बाद से आसपास के लोग स्तब्ध हैं और तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में बेटियों ने भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना पूर्व नियोजित थी या अचानक हुए विवाद का परिणाम।
फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर घटना की सटीक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण और समय की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक संबंधों में बढ़ते तनाव और संवादहीनता के गंभीर परिणामों की ओर ध्यान खींचा है। सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार के भीतर उत्पन्न विवादों को समय रहते सुलझाना आवश्यक है, अन्यथा परिस्थितियां भयावह रूप ले सकती हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।