मुजफ्फरनगर में मुस्लिम महिलाओं की शिवभक्ति, बच्चों से दोबारा मिलने की कामना लेकर उठा रहीं कांवड़
सावन की कांवड़ यात्रा के बीच मुजफ्फरनगर में दो मुस्लिम महिलाओं की भगवान शिव के प्रति अनोखी आस्था देखने को मिली। अनीशा और तमन्ना नाम की दोनों महिलाएं अपने बच्चों से दोबारा मिलने की कामना लेकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकली हैं। दोनों महिलाएं कांवड़ लेकर गाजियाबाद की ओर जा रही हैं।
बताया जा रहा है कि अनीशा और तमन्ना इससे पहले भी फरवरी में कांवड़ यात्रा कर चुकी हैं। इस बार दोनों ने सावन के महीने में दोबारा कांवड़ उठाने का संकल्प लिया है। हरिद्वार से गंगाजल भरने के बाद दोनों महिलाएं पैदल यात्रा करते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं।
दोनों महिलाओं का कहना है कि भगवान शिव के प्रति उनकी गहरी आस्था है। वे अपने बच्चों से दोबारा मिलने की कामना लेकर यह यात्रा कर रही हैं। उनके लिए यह यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि उम्मीद और भावनाओं से जुड़ी हुई है। कांवड़ यात्रा के दौरान दोनों महिलाएं श्रद्धा के साथ भगवान शिव का नाम लेते हुए आगे बढ़ रही हैं।
इस यात्रा में अनीशा के पति भी उनका पूरा समर्थन कर रहे हैं। वह अपनी पत्नी के इस संकल्प का सम्मान करते हैं और यात्रा के दौरान उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। परिवार की ओर से मिले इस समर्थन से अनीशा भी काफी भावुक नजर आती हैं।
मुजफ्फरनगर से गुजरते समय दोनों महिलाओं की कांवड़ यात्रा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। कांवड़ मार्ग पर मौजूद श्रद्धालु भी उनकी आस्था और संकल्प को देखकर हैरान हैं। कई लोग उनसे बातचीत कर उनकी यात्रा के बारे में जानकारी ले रहे हैं और उनके संकल्प की सराहना कर रहे हैं।
कांवड़ यात्रा में हर साल अलग-अलग समुदायों और वर्गों के लोग अपनी आस्था के अनुसार शामिल होते हैं। अनीशा और तमन्ना की यह यात्रा भी इसी तरह धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत विश्वास की एक अलग तस्वीर सामने ला रही है।
दोनों महिलाओं ने हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपनी यात्रा शुरू की है और अब गाजियाबाद की ओर बढ़ रही हैं। रास्ते में वे विश्राम करते हुए यात्रा पूरी कर रही हैं। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि भगवान शिव उनकी मनोकामना पूरी करेंगे और उन्हें अपने बच्चों से दोबारा मिलने का अवसर मिलेगा।
कांवड़ यात्रा के दौरान अनीशा और तमन्ना की कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी आस्था, संकल्प और परिवार से जुड़ी भावनाएं इस यात्रा को उनके लिए बेहद खास बना रही हैं।