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मेरठ जेल में बंद मुस्कान करेगी करवाचौथ का व्रत, लाल चूड़ियां-बिंदी और श्रृंगार का सामान मांगा

 

उत्तर प्रदेश के मेरठ की जिला जेल में बंद मुस्कान करवाचौथ का व्रत करेगी। इसके लिए उसने लाल चूड़ियां, लाल बिंदी और श्रृंगार का सामान मांगा है। मुस्कान ने जेल में सामाजिक कार्य करने वाली संजीवनी महिला संस्था से इन चीजों की मांग की है। करवाचौथ के मौके पर उसकी इस मांग की चर्चा हो रही है।

करवाचौथ का व्रत विवाहित महिलाओं के बीच विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ व्रत रखती हैं। व्रत के दौरान पारंपरिक श्रृंगार का भी विशेष महत्व माना जाता है।

संजीवनी महिला संस्था से मांगा श्रृंगार का सामान

जानकारी के अनुसार, मेरठ जिला जेल में बंद मुस्कान ने करवाचौथ का व्रत रखने की इच्छा जताई है। इसके लिए उसने संजीवनी महिला संस्था से लाल चूड़ियां, लाल बिंदी और श्रृंगार से जुड़ी अन्य सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है।

संस्था जेल में सामाजिक कार्य करती है। मुस्कान की ओर से सामान मांगे जाने के बाद अब इस बात पर ध्यान है कि उसे व्रत के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध हो पाती है या नहीं।

करवाचौथ पर पारंपरिक श्रृंगार का महत्व

करवाचौथ के दिन महिलाएं परंपरागत रूप से लाल रंग के कपड़े, चूड़ियां, बिंदी और अन्य श्रृंगार सामग्री का इस्तेमाल करती हैं। कई महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलती हैं।

जेल में बंद महिलाओं के लिए भी धार्मिक आस्था और त्योहारों से जुड़ी परंपराएं व्यक्तिगत महत्व रख सकती हैं। हालांकि, जेल परिसर में किसी भी सामग्री की उपलब्धता जेल प्रशासन के नियमों और अनुमति के अधीन होती है।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मुस्कान ने करवाचौथ के लिए लाल चूड़ियां, बिंदी और श्रृंगार का सामान मांगा है। संस्था या जेल प्रशासन की ओर से इस मांग पर क्या निर्णय लिया गया है, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।