प्रयागराज में नगर निगम लिपिक पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप, अधिवक्ताओं का नगर आयुक्त कार्यालय में धरना
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में नगर निगम के एक वरिष्ठ लिपिक पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने नगर आयुक्त कार्यालय पहुंचकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया और आरोपी कर्मचारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का आरोप है कि संबंधित वरिष्ठ लिपिक ने अपने कार्यकाल के दौरान कथित रूप से अपनी वैध आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। अधिवक्ताओं ने यह भी दावा किया कि आरोपी ने शहर के पॉश इलाके जॉर्जटाउन में महंगी संपत्ति खरीदी है, जो उसकी ज्ञात आय के अनुपात में संदिग्ध है।
धरने के दौरान अधिवक्ताओं ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद नगर आयुक्त कार्यालय में हलचल बढ़ गई। स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से बातचीत की और मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच का आश्वासन दिया। नगर आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि लगाए गए सभी आरोपों की जांच नियमों के तहत कराई जाएगी और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद नगर निगम कार्यालय परिसर में दिनभर तनाव का माहौल बना रहा। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत रंजिश की नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पदों पर बैठे कर्मचारियों की जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है ताकि सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। लोग भी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
फिलहाल नगर निगम प्रशासन ने पूरे मामले की प्रारंभिक जांच शुरू करने की बात कही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कदम उठाता है।