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मुख्तार अंसारी के निधन के बाद परिवार में तनाव, भतीजे ने विधायक मन्नू अंसारी पर लगाए गंभीर आरोप

 

उत्तर प्रदेश की राजनीतिक और आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े मुख्तार अंसारी के निधन के बाद अब उनके परिवार में उठापटक और विवाद सामने आया है। अंसारी परिवार के बीच का झगड़ा सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मुख्तार अंसारी के भतीजे सलमान अंसारी ने अपने ही परिवार के सदस्य और वर्तमान विधायक मन्नू अंसारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सलमान ने कहा कि मन्नू अंसारी ने परिवार की विरासत और विकास योजनाओं का दुरुपयोग कर भ्रष्टाचार किया है। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष के जरिए पार्टी से बाहर करने की धमकी दी जाती रही है।

सलमान अंसारी का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और राजनीतिक समीक्षकों के बीच इस मामले पर बहस छिड़ गई है। उनके आरोपों ने अंसारी परिवार के अंदरूनी विवादों को सार्वजनिक कर दिया है। सलमान ने यह भी कहा कि परिवार के अंदर न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं हो रही, जिससे विवाद और बढ़ता जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक परिवारों में सत्ता और विरासत के कारण अक्सर इस तरह के विवाद सामने आते हैं। जब परिवार में नेतृत्व के लिए टकराव होता है, तो इससे न केवल व्यक्तिगत रिश्तों में दरार आती है बल्कि राजनीतिक प्रभाव और स्थानीय जनता पर भी इसका असर पड़ता है।

पारिवारिक विवाद के साथ ही इस मामले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अंसारी परिवार की राजनीतिक गतिविधियाँ और विवाद दोनों ही इलाके की सियासी ताकतों के लिए महत्वपूर्ण हैं। यदि विवाद बढ़ता है, तो इसका असर आगामी चुनावों और पार्टी के संगठनात्मक ढांचे पर भी पड़ सकता है।

सलमान अंसारी ने मीडिया से बातचीत में यह भी कहा कि वे पारिवारिक विवाद को सार्वजनिक रूप से उठाकर न्याय की मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि पार्टी अध्यक्ष मामले की निष्पक्ष जांच करवाएं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे आगे और गंभीर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे।

वहीं, मन्नू अंसारी ने आरोपों को निराधार बताया है और कहा कि परिवार और पार्टी के हित में सभी निर्णय पारदर्शिता के साथ लिए जा रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि किसी भी तरह का भ्रष्टाचार या धमकी का मामला तथ्यात्मक आधार पर नहीं है।

राजनीतिक समीक्षक मानते हैं कि अंसारी परिवार का यह विवाद न केवल उनके राजनीतिक प्रभाव को चुनौती दे रहा है बल्कि उत्तर प्रदेश में अपराध और राजनीति के मिश्रित समीकरणों को भी उजागर कर रहा है।

मुख्तार अंसारी के निधन के बाद परिवार की यह स्थिति दर्शाती है कि बड़े राजनीतिक परिवारों में विरासत, सत्ता और व्यक्तिगत हितों के टकराव किस तरह अंदरूनी विवादों को जन्म दे सकते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि अंसारी परिवार के विवाद का राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव किस दिशा में जाएगा।