570 दिन की शिकायत और कानूनी प्रक्रिया के बाद सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्त, सियासी माहौल गरम
सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद शनिवार को खत्म हो गया। करीब 570 दिनों तक चली शिकायत, जांच और अदालती प्रक्रिया के बाद प्रशासन ने कोर्ट के आदेश पर मस्जिद को पूरी तरह जमींदोज कर दिया। मस्जिद के सरकारी जमीन पर बने होने की शिकायत के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ था। कार्रवाई के बाद अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सियासी माहौल गर्म हो गया है।
प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थे। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई है।
सरकारी जमीन पर निर्माण की शिकायत से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, मस्जिद को लेकर शिकायत की गई थी कि इसका निर्माण सरकारी जमीन पर किया गया है। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। जांच प्रक्रिया, नोटिस और कानूनी कार्यवाही के बाद मामला अदालत तक पहुंचा।
करीब डेढ़ साल से ज्यादा समय तक चली प्रक्रिया के बाद कोर्ट के आदेश के आधार पर प्रशासन ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए निर्माण को हटा दिया। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए यह कदम उठाया गया है।
कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
मस्जिद गिराए जाने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, जबकि प्रशासन इसे पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई बता रहा है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सच्चे सनातनी लोग सौहार्द और भाईचारे में विश्वास रखते हैं।
प्रशासन ने कानून के तहत कार्रवाई का किया दावा
प्रशासन का कहना है कि अदालत के निर्देशों के अनुसार ही मस्जिद को हटाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और इसके बाद ही कार्रवाई की गई।
वहीं, इस मामले को लेकर धार्मिक और राजनीतिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कुछ संगठन इसे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे सामाजिक सौहार्द से जोड़कर देख रहे हैं।
पश्चिमी यूपी में सियासी बहस तेज
सहारनपुर की इस कार्रवाई ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों, सरकारी जमीन और अतिक्रमण को लेकर बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
570 दिनों तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद हुई इस कार्रवाई ने सहारनपुर ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक माहौल को प्रभावित किया है। अब सभी की नजरें इस मामले पर आने वाली प्रतिक्रियाओं और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।