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मुरादाबाद में महिला ने दर्ज कराई धोखाधड़ी, प्रताड़ना और तीन तलाक की शिकायत, पति समेत दो अन्य पत्नियों पर आरोप

 

जिले के मझोला थाना क्षेत्र के जयंतीपुर चौकी इलाके से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने अपने पति और उसकी दो अन्य पत्नियों के खिलाफ धोखाधड़ी, प्रताड़ना और तीन तलाक का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला की शिकायत के आधार पर मामला मझोला पुलिस के समक्ष दर्ज किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता निशा परवीन ने अपने पति पर आरोप लगाया है कि वह अपनी दूसरी और तीसरी पत्नियों के साथ मिलकर निशा को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। महिला ने कहा कि पति ने तीन तलाक देकर उसे घर से बाहर निकालने की कोशिश की और उसके साथ धोखाधड़ी की।

महिला का आरोप है कि शादी के दौरान पति ने उसे झूठे वादे दिए और विभिन्न बहानों के जरिए उसे सामाजिक और पारिवारिक अपमान सहने के लिए मजबूर किया। शिकायत में बताया गया है कि पति ने अन्य पत्नियों के दबाव में आकर महिला की जिंदगी मुश्किल बना दी। निशा ने कहा कि वह अकेली होने के बावजूद अपने अधिकारों के लिए लड़ रही है और न्याय की उम्मीद कर रही है।

मझोला पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी पति और उसकी दो अन्य पत्नियों से पूछताछ की जाएगी और कानूनी कार्रवाई के तहत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि परिवारिक विवाद के नाम पर किसी भी महिला के अधिकारों के उल्लंघन को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले समाज में बढ़ती महिला उत्पीड़न की गंभीर स्थिति को उजागर करते हैं। धोखाधड़ी, प्रताड़ना और तीन तलाक जैसी घटनाएं न केवल पीड़िता के जीवन को प्रभावित करती हैं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और न्याय व्यवस्था के लिए भी चुनौती पेश करती हैं।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि महिलाओं को अपने अधिकारों और कानूनी उपायों के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने महिला की साहसिक कदम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित महिला की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और तुरंत न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है। आरोपी पति और उसकी पत्नियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित महिला को न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिला सुरक्षा और कानूनी अधिकारों के महत्व पर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और उत्पीड़न को रोकने के लिए न केवल कड़े कानूनों की आवश्यकता है, बल्कि समाज को भी महिला अधिकारों के प्रति संवेदनशील और जागरूक होना होगा।