मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने तीमारदारों को पीटा: गोरखपुर में शव का पोस्टमार्टम कराना चाहते थे परिजन, नाराज हो गए डॉक्टर
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सड़क हादसे में घायल एक मरीज की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद हो गया। तीमारदारों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर जूनियर डॉक्टरों ने वार्ड की गैलरी का चैनल गेट बंद कर उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद कई घंटे तक मेडिकल कॉलेज में हंगामा चलता रहा। पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत कराया गया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है।
सड़क हादसे में घायल हुए थे उमाकांत
मामला बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन इमरजेंसी वार्ड नंबर 11 का है। संतकबीरनगर के तेनुहारी सोयम गांव निवासी 45 वर्षीय उमाकांत चौधरी 3 अक्टूबर को सड़क हादसे में घायल हुए थे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। सिर में चोट के चलते उनका इलाज चल रहा था।
मंगलवार रात करीब 12 बजे इलाज के दौरान उमाकांत की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, ड्यूटी पर मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने मौत का कारण सामान्य ब्रेन स्ट्रोक बताते हुए डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया और शव घर ले जाने को कहा।
परिजनों ने कहा- हादसे में मौत, इसलिए पोस्टमार्टम जरूरी
मरीज की मौत के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने की मांग की। उनका कहना था कि उमाकांत की मौत सड़क हादसे में घायल होने के बाद हुई है, इसलिए शव का पोस्टमार्टम कराया जाना चाहिए। इसी बात को लेकर तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
तीमारदारों का आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद वार्ड नंबर 11 की गैलरी का चैनल गेट बंद कर दिया गया और उनके साथ मारपीट की गई। घटना के दौरान मौजूद गार्डों पर भी मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया गया है। मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, हालांकि वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
रात से सुबह तक चलता रहा हंगामा
विवाद के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को लेकर भी स्थिति बनी रही।
बताया गया कि शुरुआत में पोस्टमार्टम के लिए जरूरी मेमो पुलिस को नहीं भेजा गया था। बुधवार सुबह परिजन दोबारा वार्ड में पहुंचे और पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मेडिकल कॉलेज की ओर से मेमो तैयार कर गुलरिहा पुलिस को भेजा गया। इसके बाद शव को मर्चरी भेजा गया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो सकी।
प्राचार्य ने बनाई तीन सदस्यीय जांच कमेटी
घटना के बाद परिजनों ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धर्मेंद्र कुमार से शिकायत की। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक यादव समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विवाद में मारपीट के आरोपों की जांच की जा रही है।