मऊ का बारह दुवारिया शिव मंदिर: सावन में देवघर जैसी आस्था, हजारों श्रद्धालु करते हैं भगवान शिव का जलाभिषेक
उत्तर प्रदेश के मऊ जनपद स्थित नौसेमर घाट का प्राचीन बारह दुवारिया शिव मंदिर सावन माह में शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। सावन शुरू होते ही यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगती है। धार्मिक मान्यताओं के कारण यह मंदिर दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
बताया जाता है कि इस मंदिर की धार्मिक मान्यता झारखंड के प्रसिद्ध देवघर धाम की तरह ही मानी जाती है। सावन के पूरे महीने यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन, पूजन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं।
सावन में उमड़ती है भक्तों की भीड़
सावन माह में प्रतिदिन सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लग जाती हैं। श्रद्धालु गंगाजल और पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।
प्राचीन मंदिर की है विशेष मान्यता
बारह दुवारिया शिव मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी आस्था है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं भगवान शिव पूरी करते हैं। यही कारण है कि सावन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव का आशीर्वाद लेते हैं।
प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
सावन में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। भीड़ नियंत्रण, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की गई हैं।
शिवभक्ति में डूबा रहता है पूरा क्षेत्र
सावन के दौरान नौसेमर घाट क्षेत्र पूरी तरह शिवमय नजर आता है। मंदिर में होने वाले धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना रहता है। आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक महत्व के कारण बारह दुवारिया शिव मंदिर मऊ जिले की पहचान बन चुका है। सावन के महीने में यहां पहुंचने वाले भक्त भगवान शिव की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।