मौलाना महमूद मदनी बोले- मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश करने वाले देश के दुश्मन
जमीयत उलमा-ए-हिंद (M) के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश करने वालों पर निशाना साधा है। उन्होंने ऐसे लोगों को देश का दुश्मन करार दिया। मदनी ने कहा कि मुसलमान इस देश में किसी की दया या सांप्रदायिक संगठनों की मेहरबानी से नहीं रह रहे हैं, बल्कि उन्हें भी देश के अन्य नागरिकों की तरह बराबर के अधिकार प्राप्त हैं।
मौलाना महमूद मदनी ने अपने बयान में कहा कि भारत में मुसलमानों का अस्तित्व किसी की कृपा पर निर्भर नहीं है। उन्होंने उन लोगों की सोच पर सवाल उठाया, जो मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश करते हैं। मदनी के मुताबिक, ऐसी सोच देश की एकता और नागरिकों के समान अधिकारों के खिलाफ है।
सांप्रदायिक संगठनों पर साधा निशाना
मदनी ने कहा कि मुसलमानों को किसी संगठन या व्यक्ति की मेहरबानी से देश में रहने की जरूरत नहीं है। वे भी इस देश के नागरिक हैं और उनके अधिकार संविधान से तय होते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव करने या उसे कमतर समझने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती।
बराबरी के अधिकारों पर दिया जोर
जमीयत अध्यक्ष ने अपने बयान के जरिए देश में सभी नागरिकों के समान अधिकारों और सम्मान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश करने वाले देश के हित में काम नहीं कर रहे हैं।
मदनी के इस बयान के बाद उनके विचारों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा हो सकती है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने यह बयान किस कार्यक्रम या मंच पर दिया।