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मथुरा: फालैन गांव में संजू पंडा ने 5200 साल पुरानी परंपरा निभाई, होलिका की लपटों से पार होकर दिखाया आस्था का जलवा

 

मथुरा के फालैन गांव में संजू पंडा ने 5200 साल पुरानी परंपरा को जीवंत करते हुए धधकती होलिका के बीच से पार होकर आस्था और साहस का अद्भुत उदाहरण पेश किया।

सूत्रों के अनुसार, संजू पंडा ने इस अनूठे उत्सव में भाग लेने से पहले 45 दिनों का कठिन व्रत और ब्रह्मचर्य का पालन किया। इसके बाद उन्होंने प्रह्लाद के अवतार के रूप में 30 फीट ऊंची आग की लपटों के बीच से सुरक्षित गुजरकर सनातन आस्था की मिसाल कायम की।

स्थानीय लोग और श्रद्धालु इस आयोजन को देखने के लिए सुबह से ही मौजूद थे। जैसे ही संजू पंडा ने होलिका की लपटों को पार किया, दर्शकों में तालियों और जयघोष की गूंज उठी। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक था, बल्कि साहस और अनुशासन की भी परंपरा को सामने लाता है।

 फालैन गांव में इस तरह की परंपरा 5200 वर्षों से चली आ रही है। यह न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, बल्कि युवा पीढ़ी को आस्था, धैर्य और संयम के मूल्यों से जोड़ने का माध्यम भी है।

 संजू पंडा का यह साहसिक प्रदर्शन फालैन गांव की समृद्ध परंपरा और सनातन आस्था को उजागर करता है। 5200 साल पुरानी यह परंपरा आज भी जीवित है और नए उत्साह और श्रद्धा के साथ हर साल दुहराई जाती है।