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यूपी के गांवों में भारी बिजली कटौती, 18 घंटे आपूर्ति भी मुश्किल; इस वजह से बढ़ रहा बिजली संकट

 

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती की समस्या एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही है। कई गांवों में निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने का लक्ष्य होने के बावजूद कई जगह इससे कम आपूर्ति हो रही है। लगातार हो रही कटौती से ग्रामीणों को गर्मी, घरेलू कामकाज और खेती-किसानी से जुड़े कामों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ गया है। घरों में पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के लगातार इस्तेमाल से खपत बढ़ रही है। दूसरी ओर कृषि क्षेत्र में भी सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत बढ़ने से ग्रामीण इलाकों की मांग में इजाफा हुआ है। मांग और उपलब्ध आपूर्ति के बीच अंतर बढ़ने का असर बिजली कटौती के रूप में दिखाई दे रहा है।

कई ग्रामीणों का कहना है कि दिन के साथ-साथ रात में भी बिजली कटौती की जा रही है। बार-बार बिजली आने-जाने से घरेलू काम प्रभावित हो रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई से लेकर छोटे कारोबार और दुकानों तक पर इसका असर पड़ रहा है। किसानों के लिए भी बिजली की अनियमित आपूर्ति परेशानी का कारण बन रही है, क्योंकि सिंचाई का काम निर्धारित समय पर नहीं हो पा रहा।

बिजली कटौती का एक बड़ा कारण बढ़ती मांग और वितरण व्यवस्था पर पड़ रहा दबाव माना जा रहा है। गर्मी के दौरान बिजली की खपत तेजी से बढ़ती है। ग्रामीण फीडरों पर लोड बढ़ने से कई स्थानों पर तकनीकी दिक्कतें भी सामने आती हैं। ट्रांसफार्मर पर अधिक भार पड़ने, फाल्ट और स्थानीय स्तर पर लाइन में खराबी जैसी समस्याओं के कारण भी आपूर्ति बाधित हो सकती है।

ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था को लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि निर्धारित शेड्यूल के बावजूद वास्तविक आपूर्ति कम हो रही है। ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि कटौती जरूरी है तो इसकी जानकारी पहले से दी जानी चाहिए, ताकि वे अपने जरूरी काम उसी के अनुसार तय कर सकें।

बिजली विभाग की ओर से मांग के अनुसार आपूर्ति बनाए रखने और फाल्ट को जल्द ठीक करने की कोशिश की जाती है। हालांकि, लगातार बढ़ते लोड के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना चुनौती बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर ट्रांसफार्मर और वितरण नेटवर्क की क्षमता भी कई जगह समस्या का कारण बनती है।

ग्रामीण उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। साथ ही खराब ट्रांसफार्मरों और लाइनों की समय पर मरम्मत होने से अनावश्यक कटौती को कम किया जा सकता है। फिलहाल गांवों में बिजली कटौती का यह संकट लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के साथ खेती-किसानी को भी प्रभावित कर रहा है।