एटा में बंदर के झपटने से छत से गिरा व्यक्ति, इलाज के दौरान मौत; परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप
उत्तर प्रदेश के एटा जिले के मरथरा गांव में एक दर्दनाक हादसे में व्यक्ति की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि छत पर मौजूद व्यक्ति पर बंदर ने अचानक झपट्टा मार दिया, जिससे वह संतुलन खो बैठा और छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद उसे इलाज के लिए एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। मामले को लेकर अस्पताल में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति भी बनी।
बंदर के झपटने के बाद छत से गिरा
जानकारी के अनुसार मरथरा गांव निवासी व्यक्ति किसी काम से घर की छत पर गया था। इसी दौरान वहां मौजूद एक बंदर ने अचानक उस पर झपट्टा मार दिया। बंदर से बचने के प्रयास में व्यक्ति का संतुलन बिगड़ गया और वह छत से नीचे गिर गया।
छत से गिरने के कारण व्यक्ति को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की।
मेडिकल कॉलेज में कराया गया भर्ती
गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को एटा के वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। परिजनों के मुताबिक इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती गई।
बाद में व्यक्ति की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजन अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाने लगे।
परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई। उनका कहना है कि समय पर उचित उपचार और जरूरी चिकित्सा सुविधा मिलती तो शायद व्यक्ति की जान बचाई जा सकती थी।
हालांकि अस्पताल की ओर से इलाज में लापरवाही के आरोपों को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बंदरों के आतंक को लेकर भी चिंता
घटना के बाद गांव में बंदरों के आतंक को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में बंदरों की संख्या बढ़ने से लोगों को आए दिन परेशानी होती है। छतों पर बंदरों के पहुंचने के कारण बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सावधानी बरतनी पड़ती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
फिलहाल व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। वहीं परिजनों की ओर से लगाए गए अस्पताल में लापरवाही के आरोपों की भी जांच की जरूरत है। घटना ने एक ओर बंदरों के बढ़ते आतंक तो दूसरी ओर सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।