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उत्तर प्रदेश में वृद्धा पेंशन को लेकर नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, सुविधा लेने के लिए इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
 

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने वृद्धा पेंशन योजना को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब योजना का लाभ लेने के लिए पात्र लोगों को कुछ जरूरी दस्तावेज और सत्यापन प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी। सरकार का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता बढ़ाना और वास्तविक जरूरतमंद बुजुर्गों तक लाभ पहुंचाना है। नए नियम लागू होने के बाद हजारों लाभार्थियों को अपने दस्तावेज अपडेट कराने की जरूरत पड़ सकती है।

समाज कल्याण विभाग के अनुसार वृद्धा पेंशन योजना के अंतर्गत मिलने वाली आर्थिक सहायता को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में संशोधन किया गया है। अब आवेदन करने वाले बुजुर्गों के लिए आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और आय प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज अनिवार्य कर दिए गए हैं। इसके अलावा कई मामलों में ई-केवाईसी और आधार लिंकिंग भी जरूरी होगी।

सरकार का कहना है कि कई बार अपात्र लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर योजना का लाभ उठा लेते हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को परेशानी होती है। इसी को रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत किया गया है। नए नियमों के तहत लाभार्थियों का डेटा डिजिटल रूप से जांचा जाएगा और दस्तावेजों का मिलान किया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक वृद्धा पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए अब मुख्य रूप से आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की कॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। साथ ही बैंक खाता आधार से लिंक होना भी जरूरी बताया गया है ताकि पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जा सके।

समाज कल्याण विभाग ने जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे लाभार्थियों को नए नियमों की जानकारी दें और दस्तावेज अपडेट कराने में सहायता करें। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर लगाए जाने की भी तैयारी की जा रही है ताकि बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी लाभार्थियों की पहचान आसान होगी। हालांकि कुछ बुजुर्गों और सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है कि डिजिटल प्रक्रिया और दस्तावेजी औपचारिकताओं के कारण ग्रामीण और अशिक्षित बुजुर्गों को कठिनाई हो सकती है। ऐसे में प्रशासन के सामने यह चुनौती होगी कि सभी पात्र लोगों तक सही जानकारी पहुंचे।

सरकार की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन लाभार्थियों के दस्तावेज अधूरे होंगे या सत्यापन में गड़बड़ी मिलेगी, उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोकी जा सकती है। इसलिए सभी लाभार्थियों को समय रहते अपने दस्तावेज अपडेट कराने की सलाह दी गई है।

उत्तर प्रदेश में लाखों बुजुर्ग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। ऐसे में नियमों में हुए इस बदलाव का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ेगा। फिलहाल समाज कल्याण विभाग नए नियमों को लागू करने की तैयारी में जुटा हुआ है और जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।