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1600 करोड़ के फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड महफूज आलम गिरफ्तार, TMC नेता की पनाह में छिपा था आरोपी
 

 

करीब 1600 करोड़ रुपये के बड़े फर्जीवाड़े मामले में फरार चल रहे मास्टरमाइंड महफूज आलम को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से फरार था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। पुलिस का दावा है कि महफूज आलम एक टीएमसी नेता की पनाह में छिपा हुआ था, जहां से उसे गुप्त सूचना के आधार पर दबोचा गया। इस गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, महफूज आलम पर करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले और फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों से ठगी करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कई कंपनियों और निवेश योजनाओं के नाम पर लोगों से भारी रकम जुटाई थी। बाद में रकम का दुरुपयोग कर बड़े स्तर पर आर्थिक फर्जीवाड़ा किया गया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले की जांच पिछले काफी समय से चल रही थी। जांच एजेंसियों ने कई राज्यों में छापेमारी की, लेकिन महफूज आलम लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। इस बीच एजेंसियों को सूचना मिली कि आरोपी पश्चिम बंगाल में एक टीएमसी नेता के करीबी ठिकाने पर छिपा हुआ है। इसके बाद विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड भी बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन दस्तावेजों से फर्जीवाड़े के नेटवर्क और उसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है।

जांच में यह भी सामने आया है कि महफूज आलम ने कथित तौर पर कई फर्जी कंपनियों के जरिए पैसों का लेन-देन किया। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे घोटाले में किन-किन लोगों की भूमिका रही और पैसा कहां-कहां निवेश किया गया।

वहीं टीएमसी नेता का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर टीएमसी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। विपक्ष का आरोप है कि बड़े आर्थिक अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। हालांकि टीएमसी की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है that आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि पूछताछ में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां आरोपी की संपत्तियों और बैंक खातों की भी जांच कर रही हैं।

इस फर्जीवाड़े से जुड़े कई पीड़ितों ने आरोपी की गिरफ्तारी पर संतोष जताया है। लोगों का कहना है कि उन्होंने निवेश के नाम पर अपनी जमा पूंजी गंवा दी थी और लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे थे।

फिलहाल महफूज आलम को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। 1600 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले ने एक बार फिर बड़े आर्थिक अपराधों और राजनीतिक संरक्षण के मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है।