मछली भोज वाले बयान पर महंत राजू दास ने दी सफाई, बोले- निषाद समाज का अपमान करना मकसद नहीं था
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत में आयोजित मछली भोज को लेकर दिए गए अपने बयान पर महंत राजू दास ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान का उद्देश्य निषाद समाज का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत अर्थ में नहीं लिया जाना चाहिए और उनका इरादा किसी समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।
दरअसल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत के दौरान मछली भोज को लेकर महंत राजू दास की टिप्पणी सामने आई थी। इसके बाद उनके बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा शुरू हो गई। निषाद समाज से जुड़े लोगों की भावनाओं को लेकर भी सवाल उठे। अब महंत राजू दास ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उनकी बात का उद्देश्य किसी समुदाय का अपमान करना नहीं था।
महंत राजू दास ने कहा कि निषाद समाज का समाज और सनातन परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान को किसी जाति या समुदाय के खिलाफ टिप्पणी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनका कहना था कि यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो इसे उस संदर्भ में समझने की जरूरत है, जिसमें उन्होंने अपनी बात रखी थी।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक गतिविधियों और उससे जुड़े घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देना था। निषाद समाज को लेकर उनके मन में किसी प्रकार की गलत भावना नहीं है। उन्होंने समाज के लोगों के सम्मान की बात करते हुए कहा कि किसी भी समुदाय के प्रति अपमानजनक भावना रखना उनका उद्देश्य नहीं रहा है।
मछली भोज को लेकर सामने आए बयान के बाद इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने अपने-अपने तरीके से टिप्पणी की। इसी बीच महंत राजू दास की सफाई को मामले को स्पष्ट करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
महंत राजू दास ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी बयान के अलग-अलग अर्थ निकाले जा सकते हैं, लेकिन वक्ता की मंशा को भी समझना जरूरी है। उन्होंने दोहराया कि उनका इरादा निषाद समाज का अपमान करने का बिल्कुल नहीं था।
उन्होंने निषाद समाज के लोगों से भी इस मामले को लेकर किसी तरह की गलतफहमी न रखने की अपील की। उनका कहना था कि सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान बना रहना जरूरी है। किसी बयान को लेकर विवाद पैदा होने के बजाय उसके संदर्भ और वास्तविक मंशा को समझना चाहिए।
इस मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत कार्यक्रम का संदर्भ भी चर्चा में रहा है। मछली भोज को लेकर दिए गए बयान ने राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी थी। अब महंत राजू दास की सफाई के बाद विवाद को शांत करने की कोशिश नजर आ रही है।
उन्होंने कहा कि वे किसी भी समाज या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के पक्ष में नहीं हैं। उनका मकसद अपनी बात रखना था, न कि किसी सामाजिक वर्ग को निशाना बनाना।
फिलहाल मछली भोज को लेकर दिया गया बयान और उसके बाद आई सफाई राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है। महंत राजू दास ने अपने स्पष्टीकरण के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य निषाद समाज का अपमान करना नहीं था।