लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे 10 दिन बंद, NHAI ने शुरू की क्षतिग्रस्त हिस्सों की जांच
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे के क्षतिग्रस्त हिस्सों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। एक्सप्रेस-वे पर टूटे और खराब हिस्सों की जांच के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की टीम मौके पर पहुंच गई है। टीम ने एलिवेटेड रोड समेत सड़क के उन हिस्सों का निरीक्षण शुरू कर दिया है, जहां निर्माण में खराबी या क्षति सामने आई है। अधिकारियों की निगरानी में क्षतिग्रस्त हिस्सों की तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि मरम्मत का काम जल्द शुरू कराया जा सके।
एनएचएआई के अधिकारियों ने कानपुर एक्सप्रेस-वे की एलिवेटेड रोड का भी निरीक्षण किया। टीम ने सड़क की मौजूदा स्थिति, टूटे हिस्सों और निर्माण से जुड़े तकनीकी पहलुओं को देखा। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सड़क के कुछ हिस्सों में नुकसान किस वजह से हुआ और इसे ठीक करने के लिए किस तरह की मरम्मत की जरूरत होगी।
क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के लिए एक्सप्रेस-वे को करीब 10 दिनों तक बंद रखने का फैसला किया गया है। इस दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहेगी। एक्सप्रेस-वे बंद रहने से लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को यात्रा से पहले रूट की जानकारी लेने और अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी जा सकती है।
एनएचएआई की टीम पहले क्षतिग्रस्त हिस्सों की विस्तृत जांच करेगी। इसके बाद मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का उद्देश्य सड़क को दोबारा सुरक्षित और यातायात के लिए उपयुक्त बनाना है। मरम्मत के दौरान सड़क की गुणवत्ता और मजबूती पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा सामने न आए।
लखनऊ-कानपुर के बीच आने-जाने वाले लोगों के लिए यह एक्सप्रेस-वे महत्वपूर्ण मार्ग है। रोजाना बड़ी संख्या में वाहन इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में 10 दिनों तक एक्सप्रेस-वे बंद रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। खासकर रोजाना नौकरी या कारोबार के सिलसिले में लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा करने वालों को वैकल्पिक रास्तों पर निर्भर रहना होगा।
फिलहाल एनएचएआई की टीम क्षतिग्रस्त हिस्सों की तकनीकी जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद मरम्मत की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। एक्सप्रेस-वे कब से पूरी तरह बंद होगा और यातायात के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या रहेगी, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित अधिकारियों की ओर से जारी की जाएगी। यात्रियों के लिए जरूरी होगा कि वे एक्सप्रेस-वे बंद रहने की अवधि में रूट डायवर्जन और यातायात संबंधी अपडेट पर नजर रखें।