लखनऊ अग्निकांड: शुरुआती जांच में सामने आई गंभीर लापरवाही, बिल्डिंग की जमीन को लेकर भी खुलासा
राजधानी Lucknow के अलीगंज क्षेत्र में स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल बताए जा रहे हैं। इस बीच घटना की शुरुआती जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आने की बात कही जा रही है।
प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आई जानकारी के अनुसार, जिस जमीन पर यह बहुमंजिला इमारत बनी है, वह कथित तौर पर वीरेंद्र शुक्ला के नाम दर्ज बताई जा रही है। जांच एजेंसियां अब भवन के स्वामित्व, निर्माण अनुमति और सुरक्षा मानकों से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल भवन में मौजूद अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। शुरुआती जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या इमारत में फायर सेफ्टी उपकरण पर्याप्त थे और क्या आपातकालीन निकास व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप थी।
जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि भवन संचालन के लिए आवश्यक अनुमति और सुरक्षा प्रमाणपत्र वैध थे या नहीं।
बिल्डिंग के स्वामित्व की जांच
सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन भवन की जमीन और उसके स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि भवन निर्माण और व्यावसायिक उपयोग के लिए सभी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
15 लोगों की मौत, पांच घायल
भीषण आग की चपेट में आने से 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार जारी है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
जांच के आदेश
राज्य सरकार ने घटना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी संयुक्त रूप से हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच कर रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कई सवालों के जवाब बाकी
हादसे के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि यदि भवन में पहले से सुरक्षा संबंधी खामियां थीं तो संबंधित विभागों ने समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि कोचिंग सेंटर और अन्य गतिविधियों के संचालन के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन किस हद तक किया जा रहा था।
फिलहाल प्रशासन सभी पहलुओं की जांच में जुटा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस दर्दनाक हादसे के पीछे किन कारणों और लापरवाहियों की भूमिका रही।