लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: 15 लोगों की मौत, CM योगी ने दिए जांच के आदेश; PM मोदी ने मुआवजे का ऐलान किया
उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। कई अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
हादसे के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए घटना की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि घटना के कारणों की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
राज्य सरकार ने जिला प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन विभाग को संयुक्त रूप से जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताया शोक
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने राहत सहायता की घोषणा करते हुए कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
राहत और बचाव अभियान जारी
आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस, प्रशासन और आपदा राहत दलों ने मिलकर इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान चलाया।
घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
आग के कारणों की जांच शुरू
प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या विद्युत प्रणाली में खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
साथ ही भवन में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस हादसे ने कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले संस्थानों में फायर सेफ्टी नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल प्रशासन राहत कार्यों और जांच में जुटा हुआ है, जबकि मृतकों के परिवारों में मातम का माहौल है। यह हादसा लखनऊ के हालिया वर्षों के सबसे दर्दनाक अग्निकांडों में से एक माना जा रहा है।