संसद में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर जबरदस्त हंगामा, लोकसभा 19 मिनट में स्थगित; राज्यसभा में खड़गे-रिजिजू आमने-सामने
संसद के मानसून सत्र के 12वें दिन मंगलवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले को लेकर लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार से जवाब की मांग की, जबकि सत्ता पक्ष ने पलटवार करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर राम मंदिर का विरोध करने का आरोप लगाया। लगातार शोर-शराबे के कारण लोकसभा की कार्यवाही महज 19 मिनट चल सकी, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही भी कई बार बाधित हुई।
लोकसभा में 19 मिनट ही चली कार्यवाही
मंगलवार सुबह लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया। हंगामे के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स संशोधन से जुड़े विधेयक सदन में पेश किए। हालांकि विपक्ष के विरोध के चलते सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से नहीं चल सकी और केवल 19 मिनट बाद ही लोकसभा को बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
राज्यसभा में कई बार बाधित हुई कार्यवाही
राज्यसभा की कार्यवाही भी हंगामे की भेंट चढ़ गई। सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के करीब आधे घंटे के भीतर ही उसे स्थगित करना पड़ा। इसके बाद दोपहर 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, लेकिन करीब 20 मिनट बाद फिर से स्थगित कर दी गई। बाद में दोपहर 2 बजे सदन की कार्यवाही एक बार फिर शुरू हुई।
खड़गे ने सरकार से मांगा जवाब
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था और ट्रस्ट को 70 एकड़ से अधिक भूमि सौंपी गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं राम मंदिर से जुड़े प्रमुख आयोजनों में शामिल रहे हैं।खड़गे ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चढ़ावे में गड़बड़ी या चोरी के आरोप सामने आए हैं तो प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियां अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर रही हैं। उन्होंने सरकार से सदन में इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
रिजिजू का पलटवार
खड़गे के आरोपों का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विप पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था और मंदिर बनने के समय काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया था।रिजिजू ने कहा कि जो दल पहले राम मंदिर का विरोध करते र, वे अब इस मुद्दे पर "घड़ियाली आंसू" बहाकर देश को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से कहा कि पहले भगवान राम का अपमान करने के लिए देश से माफी मांगें, उसके बाद सरकार से जवाब मांगें।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले को लेकर संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्ष जहां सरकार से जवाबदेही और जांच की मांग कर रहा है, वहीं भाजपा इस मुद्दे को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के पुराने रुख से जोड़कर विपक्ष पर राजनीतिक हमला बोल रही है।लगातार हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही प्रभावित रही। अब इस मुद्दे पर आगे भी संसद में तीखी बहस और राजनीतिक टकराव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।