VBSPU में लाइब्रेरी फंड घोटाले के आरोप: 33 करोड़ रुपये के खर्च पर सवाल, जांच जारी
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (VBSPU) में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के विवेकानंद केंद्रीय पुस्तकालय पर करीब 33 करोड़ रुपये के खर्च में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले ने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है।
जानकारी के अनुसार, आरोप है कि पुस्तकालय के विकास और संसाधनों पर खर्च की गई भारी-भरकम राशि में पारदर्शिता नहीं रखी गई। खासकर ई-रिसोर्स (डिजिटल अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन डेटाबेस) के उपयोग और खरीद प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जौनपुर Jaunpur स्थित Veer Bahadur Singh Purvanchal University में हुए इस कथित फंड उपयोग विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पर जांच की आंच तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक स्तर पर यह पाया गया है कि कई खर्चों में नियमों और प्रक्रियाओं का पालन पूरी तरह से नहीं किया गया। इसी आधार पर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
ई-रिसोर्स के नाम पर किए गए खर्च को लेकर भी विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं कि क्या वास्तव में इन सुविधाओं का सही तरीके से उपयोग और क्रियान्वयन हुआ या नहीं।
मामले के सामने आने के बाद शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों और छात्रों में भी चिंता का माहौल है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालयों में होने वाले वित्तीय लेन-देन में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए ताकि शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा बना रहे।
फिलहाल विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच का स्वागत किया है और कहा है कि जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।