☰
×

लखीमपुर में 7 साल की बच्ची को उठा ले गया तेंदुआ, चीखते हुए पीछे दौड़ा पिता; 200 मीटर दूर मिले फटे कपड़े

 

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में तेंदुए के हमले की एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक तेंदुआ 7 साल की बच्ची को उठाकर ले गया। बच्ची को तेंदुए के जबड़े में देखकर पिता चीखते हुए उसके पीछे दौड़ा, लेकिन वह बच्ची को बचाने में सफल नहीं हो सका। घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर बच्ची के फटे हुए कपड़े मिलने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और इलाके के लोगों में दहशत फैल गई।

बच्ची को उठाकर जंगल की ओर भागा तेंदुआ

जानकारी के मुताबिक, बच्ची पर तेंदुए ने उस समय हमला किया, जब वह अपने परिवार के साथ थी। अचानक तेंदुए के पहुंचने और बच्ची को उठाकर ले जाने से परिवार के लोग घबरा गए। पिता ने बेटी को बचाने के लिए शोर मचाया और तेंदुए के पीछे दौड़ लगा दी।

हालांकि, तेंदुआ बच्ची को लेकर दूर निकल गया। आसपास मौजूद लोगों को घटना की जानकारी मिली तो वे भी मौके पर पहुंचने लगे। इसके बाद बच्ची की तलाश शुरू की गई। घटनास्थल से लगभग 200 मीटर दूर उसके फटे हुए कपड़े मिलने की बात सामने आई, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई।

घटना से इलाके में दहशत

तेंदुए के हमले की खबर फैलते ही आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीण अपने बच्चों और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लोगों को आशंका है कि क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी से दोबारा ऐसी घटना हो सकती है।

ग्रामीणों के लिए इस तरह की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं, खासकर उन इलाकों में जहां आबादी के आसपास खेत, झाड़ियां और जंगल मौजूद हैं। ऐसे क्षेत्रों में जंगली जानवरों की आवाजाही से लोगों और वन्यजीवों के बीच टकराव का खतरा बढ़ जाता है।

बच्ची की तलाश और वन विभाग की भूमिका अहम

ऐसी घटना के बाद पुलिस, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। बच्ची की तलाश, तेंदुए की गतिविधियों का पता लगाने और आसपास के लोगों को सतर्क करने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत होती है।

वन विभाग की टीम क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी का पता लगाने के लिए जांच कर सकती है। ग्रामीणों को भी अकेले खेतों या झाड़ियों की ओर जाने से बचने और बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी जा सकती है।

फिलहाल, बच्ची के साथ हुई घटना के सभी पहलुओं और उसकी स्थिति के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है। इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को लेकर चिंता बढ़ा दी है।