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लापता युवती के मामले में दोनों समुदायों के नेताओं की बैठक, 24 घंटे में बरामदगी का समय

 

सहारनपुर जिले के गंगोह ब्लॉक के सांगाठेड़ा गांव में एक युवती के लापता होने के मामले ने बुधवार को फिर से गहमागहमी बढ़ा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव के मंदिर परिसर में दोनों समुदायों के जिम्मेदार लोगों और जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।

बैठक का उद्देश्य था कि युवती की सुरक्षित बरामदगी और सामाजिक शांति सुनिश्चित की जाए। स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने इस बैठक में आपसी सहमति से 24 घंटे का समय तय किया, जिसके भीतर युवती के बारे में स्पष्ट जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया जाएगा।

गांव के वरिष्ठ नागरिकों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि यह पहल शांति बनाए रखने और किसी अप्रिय घटना को टालने के लिए की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित धरना और सड़क जाम का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित किया गया है, ताकि विवाद बढ़ने से पहले ही समाधान की दिशा में कदम उठाया जा सके।

पुलिस प्रशासन ने भी इस बैठक में भाग लिया और कहा कि वह पूरी तरह से मामले की जांच और युवती की खोज में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें, ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की बैठकें सामुदायिक सहयोग और विश्वास को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने कहा कि दोनों समुदायों के नेताओं का आपसी समन्वय किसी भी सामाजिक तनाव को बढ़ने से रोक सकता है।

स्थानीय सूत्रों ने बताया कि युवती के लापता होने की घटना ने गांव में चिंता और अनिश्चितता पैदा कर दी थी। इस बैठक में जिम्मेदार नागरिकों, पंचायत सदस्यों और पुलिस अधिकारियों ने मिलकर युवती की सुरक्षित बरामदगी के लिए ठोस रणनीति बनाई।

बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि तय समय में युवती बरामद नहीं होती है, तो आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, गांव में सतर्कता बढ़ाने और चौकसी रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

इस तरह की पहल ने गांव में सकारात्मक माहौल पैदा किया है और लोगों में विश्वास जगाया है कि समस्या का समाधान संवाद और सहयोग के माध्यम से संभव है। वहीं, पुलिस और प्रशासन की सतर्कता यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी संभावित तनाव या हिंसा को समय रहते रोका जा सके।

कुल मिलाकर, सहारनपुर के सांगाठेड़ा गांव में लापता युवती के मामले में दोनों समुदायों के नेताओं की बैठक और 24 घंटे का समय तय करना एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे न केवल युवती की सुरक्षा की संभावना बढ़ी है, बल्कि गांव में सामाजिक शांति और भरोसा बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।