☰
×

KGMU धर्मांतरण मामले में डॉक्टरों की छुट्टियों को लेकर भेदभाव के आरोप, धार्मिक आयोजनों के नाम पर मिलती थी विशेष छूट

 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में सामने आए धर्मांतरण मामले की जांच के दौरान अब डॉक्टरों की छुट्टियों को लेकर भेदभाव के आरोप भी सामने आए हैं। आरोप है कि संस्थान में धर्मांतरण से जुड़े मामले को लेकर कुछ डॉक्टरों को मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता था। वहीं, धार्मिक गतिविधियों और इबादत के लिए छुट्टी देने के मामले में भी भेदभाव किए जाने की बात कही जा रही है।

जांच के दौरान सामने आए आरोपों के मुताबिक, KGMU में कुछ डॉक्टरों को अपने धर्म से जुड़े धार्मिक आयोजनों और इबादत के लिए छुट्टियां मिल जाती थीं। दूसरी ओर, अन्य धर्मों से जुड़े डॉक्टरों को इसी तरह की सुविधाएं मिलने में परेशानी होती थी। इसको लेकर संस्थान के भीतर पक्षपात किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

धार्मिक आयोजनों के लिए छुट्टियों को लेकर उठे सवाल

धर्मांतरण मामले की जांच के बीच डॉक्टरों की छुट्टियों का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है। आरोप है कि कुछ डॉक्टरों को धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने और इबादत करने के लिए विशेष छूट दी जाती थी। वहीं, दूसरे धर्मों के डॉक्टरों के साथ इस मामले में समान व्यवहार नहीं किया जाता था।

इस कथित भेदभाव को लेकर मेडिकल संस्थान के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। आरोपों के अनुसार, धार्मिक आधार पर छुट्टियों को लेकर अलग-अलग नियम अपनाए जाने से डॉक्टरों के बीच असंतोष की स्थिति पैदा हुई थी।

धर्मांतरण को लेकर मानसिक प्रताड़ना के आरोप

मामले में यह आरोप भी सामने आया है कि धर्मांतरण से जुड़े मुद्दे को लेकर कुछ डॉक्टरों पर मानसिक दबाव बनाया जाता था। आरोपों के मुताबिक, इस विषय पर डॉक्टरों को परेशान किया जाता था और उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जाता था, जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना महसूस होती थी।

KGMU जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान में इस तरह के आरोप सामने आने के बाद मामले की गंभीरता बढ़ गई है। यहां बड़ी संख्या में डॉक्टर, मेडिकल छात्र और कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में संस्थान में सभी के साथ समान व्यवहार और कार्यस्थल पर निष्पक्ष माहौल बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है।

जांच में सामने आए आरोपों की पड़ताल जारी

धर्मांतरण मामले की जांच के दौरान अब छुट्टियों में कथित भेदभाव और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े पहलुओं को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जांच में यह पता लगाने की जरूरत होगी कि क्या वास्तव में धार्मिक आधार पर डॉक्टरों को अलग-अलग सुविधाएं दी जाती थीं और क्या किसी डॉक्टर पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया था।

इसके लिए संबंधित डॉक्टरों के बयान, छुट्टियों से जुड़े रिकॉर्ड और प्रशासनिक फैसलों की पड़ताल अहम हो सकती है। फिलहाल इन आरोपों को जांच के दायरे में सामने आए दावों के रूप में देखा जा रहा है। जांच पूरी होने और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।