काशी विश्वनाथ मंदिर: महाशिवरात्रि पर पुलिस करेगी श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर स्वागत
उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ मंदिर में इस साल महाशिवरात्रि पर पुलिस का अंदाज कुछ अलग देखने को मिलेगा। श्रद्धालुओं का स्वागत अब सिर्फ सुरक्षा देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पुलिसकर्मी हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का सम्मानपूर्वक स्वागत करेंगे।
जानकारी के अनुसार, मंदिर के एंट्री पॉइंट पर तैनात पुलिसकर्मी जैसे ही श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश करेंगे, वे हाथ जोड़कर वेलकम करेंगे। इसके लिए पुलिसकर्मियों को विशेष सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग दी गई है, ताकि वे श्रद्धालुओं के साथ सहानुभूति और सौजन्यपूर्ण व्यवहार कर सकें।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पहल सुरक्षा और श्रद्धालु सेवा को जोड़ने का एक प्रयास है। महाशिवरात्रि के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, और ऐसे समय में पुलिस की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उन्हें श्रद्धालुओं के लिए अच्छा अनुभव बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए।
विशेष ट्रेनिंग में पुलिसकर्मियों को यह सिखाया गया कि धैर्य, सम्मान और सौम्य व्यवहार के साथ श्रद्धालुओं के साथ बातचीत कैसे की जाए। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य मंदिर परिसर में सुरक्षा के साथ-साथ स्वागत का अनुभव भी बढ़ाना है।
मंदिर प्रशासन ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और सेवा का सही संतुलन श्रद्धालुओं को सकारात्मक अनुभव देता है और मंदिर की प्रतिष्ठा को और बढ़ाता है।
पिछले साल महाशिवरात्रि पर मंदिर परिसर में भारी भीड़ और यातायात के कारण कई बार संघर्षपूर्ण स्थिति देखने को मिली थी। इस साल पुलिस का हाथ जोड़कर स्वागत और सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग इसे और सुगम और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने का प्रयास है।
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं ने भी इस पहल को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि पुलिस का ऐसा स्वागत सर्वोच्च श्रद्धा और आदर का भाव दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और सम्मान दोनों का मेल मंदिर दर्शन को और भी आध्यात्मिक अनुभवपूर्ण बना देगा।
कुल मिलाकर, वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर पुलिस का यह कदम सुरक्षा और सेवा का अनोखा संयोजन प्रस्तुत करेगा। यह पहल न सिर्फ सुरक्षा सुनिश्चित करेगी बल्कि श्रद्धालुओं में संतुष्टि और आदर का भाव भी जागृत करेगी।
इस तरह, इस साल महाशिवरात्रि पर पुलिस सिर्फ सुरक्षा में नहीं, बल्कि स्वागत और सेवा में भी सक्रिय रहेगी, जो उत्तर प्रदेश में मंदिर सुरक्षा और श्रद्धालु अनुभव के लिए एक उदाहरण बन सकता है।