×

यूपी में कांवड़ यात्रा ने पकड़ी रफ्तार: कोई दांतों से खींच रहा 8 क्विंटल की कार, वीडियो में देंखे तो कोई पालकी में माता-पिता और दादी को लेकर कर रहा शिवभक्ति

 

सावन माह के साथ कांवड़ यात्रा ने उत्तर प्रदेश में पूरी रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश की सड़कों पर भगवा वस्त्रों में शिवभक्तों की लंबी कतारें दिखाई देने लगी हैं। कोई हरिद्वार से गंगाजल लेने जा रहा है तो कोई पवित्र जल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहा है। इस बार कांवड़ यात्रा में कई अनोखी तस्वीरें सामने आई हैं, जहां श्रद्धालु अपनी आस्था को अलग-अलग तरीकों से व्यक्त कर रहे हैं।

दांतों से 8 क्विंटल की कार खींच रहे नरेंद्र जाट

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/EAReHTjTHz8?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/EAReHTjTHz8/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">

अलीगढ़ निवासी नरेंद्र जाट अपनी अनोखी कांवड़ यात्रा को लेकर चर्चा में हैं। वह करीब 8 क्विंटल वजनी कार को दांतों के सहारे खींचते हुए हरिद्वार की ओर बढ़ रहे हैं। कार की छत पर भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित की गई है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। नरेंद्र जाट ने बताया कि उन्होंने गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के संकल्प के साथ यह विशेष यात्रा शुरू की है। रास्ते में लोग उनकी इस अनोखी कांवड़ यात्रा को देखने के लिए रुक रहे हैं।

पालकी में माता-पिता को बैठाकर लौट रहे जितेंद्र

बुलंदशहर के जितेंद्र अपने माता-पिता को पालकी में बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे सिकंदराबाद स्थित शिव मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। श्रद्धा और सेवा का यह दृश्य लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

दादी को कांवड़ में बैठाकर ला रहे गंगाजल

हापुड़ निवासी प्रशांत राणा अपनी बुजुर्ग दादी शारदा देवी को कांवड़ में बैठाकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे हैं। उनके साथ 22 कांवड़ियों का जत्था भी चल रहा है। सभी श्रद्धालु हापुड़ पहुंचकर स्थानीय शिव मंदिर में गंगाजल अर्पित करेंगे। प्रशांत का कहना है कि दादी की इच्छा थी कि वे कांवड़ यात्रा का हिस्सा बनें, इसलिए उन्होंने उन्हें अपने साथ यात्रा पर ले जाने का निर्णय लिया।

12 साल के अभिषेक की पहली कांवड़ यात्रा

बुलंदशहर का 12 वर्षीय अभिषेक भी अपनी पहली कांवड़ यात्रा को लेकर उत्साहित है। वह हरिद्वार से 41 लीटर गंगाजल लेकर पैदल अपने घर की ओर लौट रहा है। अभिषेक ने बताया कि यह उसकी पहली कांवड़ यात्रा है और वह भगवान शिव की कृपा से इसे सफलतापूर्वक पूरा करना चाहता है।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

कांवड़ यात्रा के मद्देनजर उत्तर प्रदेश पुलिस पूरी तरह सतर्क है। यात्रा मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली के जरिए चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने श्रद्धालुओं से प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और सुरक्षित यात्रा करने की अपील की है।

आस्था और सेवा का अनूठा संगम

इस बार की कांवड़ यात्रा में जहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा के साथ यात्रा कर रहे हैं, वहीं कई कांवड़ियों की अनोखी पहल लोगों के लिए प्रेरणा भी बन रही है। किसी ने संकल्प के साथ कठिन यात्रा चुनी है तो कोई अपने माता-पिता और बुजुर्गों को साथ लेकर सेवा और श्रद्धा का संदेश दे रहा है। पूरे उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा को लेकर भक्ति, उत्साह और सुरक्षा व्यवस्थाओं का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।