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रूस-यूक्रेन युद्ध की चपेट में कानपुर का बेटा, ब्लैक सी में हमले में मर्चेंट नेवी अफसर की मौत; 10 दिन बाद भी शव का इंतजार

 

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का असर अब भारतीय परिवारों तक भी पहुंच रहा है। युद्ध क्षेत्र के करीब ब्लैक सी में हुए हमले में कानपुर के रहने वाले मर्चेंट नेवी अफसर की मौत हो गई। घटना को 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उनका शव भारत नहीं पहुंच सका है। परिवार अपने बेटे के अंतिम दर्शन के इंतजार में है।

रूस के पोर्ट की ओर जा रहा था कार्गो शिप

जानकारी के अनुसार, कानपुर निवासी मर्चेंट नेवी अफसर 18 जुलाई को एक कार्गो शिप पर तैनात थे। जहाज ब्लैक सी के रास्ते रूस के एक पोर्ट की ओर जा रहा था। इसी दौरान जहाज पर हमला हो गया, जिसकी चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।

हमले की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों को अब तक सिर्फ हादसे की जानकारी मिली है और वे लगातार शव के भारत आने का इंतजार कर रहे हैं।

परिवार ने लगाई शव जल्द लाने की गुहार

मृतक के परिजनों का कहना है कि उन्हें अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने का इंतजार है। उन्होंने सरकार और संबंधित अधिकारियों से शव को जल्द भारत लाने की अपील की है।

परिवार के मुताबिक, युद्ध प्रभावित क्षेत्र होने के कारण शव को वापस लाने की प्रक्रिया में देरी हो रही है। परिजन लगातार अधिकारियों के संपर्क में हैं और हर दिन कोई नई जानकारी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

युद्ध क्षेत्र में बढ़ा खतरा

रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण ब्लैक सी क्षेत्र में लगातार तनाव बना हुआ है। इस इलाके से गुजरने वाले जहाजों और समुद्री मार्गों पर खतरा बढ़ गया है। कई देशों ने अपने नागरिकों और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

घर में पसरा मातम

कानपुर स्थित मृतक के घर में मातम का माहौल है। परिवार के लोग अपने प्रियजन को खोने के दुख के साथ-साथ अंतिम विदाई का इंतजार भी कर रहे हैं। रिश्तेदार और परिचित परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

फिलहाल परिवार की सबसे बड़ी उम्मीद यही है कि जल्द से जल्द शव भारत लाया जाए, ताकि वे अपने बेटे को अंतिम विदाई दे सकें। वहीं, प्रशासनिक स्तर पर भी शव को वापस लाने की प्रक्रिया पूरी करने के प्रयास किए जा रहे हैं।