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कानपुर लैंबॉर्गिनी केस: तंबाकू व्यापारी के बेटे शिवम मिश्रा को जिला अदालत से जमानत

 

कानपुर में चल रहे लैंबॉर्गिनी मामले में आज तंबाकू व्यापारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को जिला अदालत से जमानत मिल गई। कोर्ट ने शिवम मिश्रा को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी है।

सूत्रों के अनुसार, जमानत पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने 14 दिन की रिमांड देने की मांग की थी, ताकि मामले की जांच और पूछताछ जारी रखी जा सके। हालांकि, अदालत ने पुलिस की यह अपील खारिज कर दी, और शिवम मिश्रा को अदालत से मुक्त कर दिया।

जमानत आदेश के बाद शिवम मिश्रा के वकील मृत्युंजय सिंह मीडिया के सामने आए और पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अदालत ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद जमानत देने का निर्णय लिया।

वकील ने यह भी कहा कि अदालत ने निजी मुचलका लगाने के साथ-साथ शिवम मिश्रा से अन्य शर्तें भी रखी हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि अब शिवम मिश्रा कोर्ट द्वारा तय शर्तों के अनुसार अपने घर पर रहेंगे और जांच प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

पुलिस सूत्रों ने कहा कि जमानत मिलने के बावजूद मामले की जांच जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत केवल अदालत द्वारा गिरफ्तारी से अस्थायी मुक्ति प्रदान करती है, इससे जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सार्वजनिक सुरक्षा और अपराध के गंभीर आरोप जुड़े हुए हैं। अदालत ने जमानत देने का निर्णय कानूनी प्रक्रिया और प्रमाणों के आधार पर लिया है।

स्थानीय मीडिया और आम लोग इस मामले पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। कानपुर के नागरिक इस मामले को लेकर उत्सुक हैं कि आगामी दिनों में पुलिस और अदालत की कार्रवाई किस दिशा में जाएगी।

शिवम मिश्रा की जमानत मिलने के बाद यह मामला फिलहाल समीक्षा और जांच के दायरे में रहेगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह के नियम उल्लंघन पर जमानत तुरंत रद्द की जा सकती है।

कुल मिलाकर, कानपुर लैंबॉर्गिनी केस में आज की सुनवाई ने मामला थोड़ा सुलझाया है, लेकिन जांच प्रक्रिया और कानूनी कार्यवाही अभी भी जारी रहेगी। पुलिस और अदालत दोनों ही पक्ष मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी सतर्कता बरत रहे हैं।