कानपुर दवा कारोबारी हत्याकांड में बहू की भूमिका पर सवाल, मोबाइल सर्च हिस्ट्री और चैट से पुलिस को मिले अहम सुराग
कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड की जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में नए खुलासे सामने आ रहे हैं। कल्याणपुर थाना क्षेत्र में हुई इस हत्या के मामले में पुलिस ने कारोबारी की बहू शालू मिनोचा समेत दो नौकरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब पुलिस की जांच का केंद्र शालू की कथित भूमिका पर है। पुलिस का दावा है कि उसके मोबाइल फोन की जांच के दौरान ऐसी सर्च हिस्ट्री और चैट सामने आई हैं, जो हत्या की कथित साजिश से उसके संबंधों की ओर इशारा करती हैं।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाला गया। इसी क्रम में शालू के मोबाइल की जांच की गई। पुलिस का कहना है कि मोबाइल में मिली कुछ सर्च हिस्ट्री और चैट सामान्य गतिविधियों से अलग थीं। जांच एजेंसियां इन डिजिटल साक्ष्यों को हत्या की घटना से जोड़कर देख रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वारदात से पहले किन लोगों के बीच बातचीत हुई थी और किस तरह की तैयारियां की गई थीं।
विनीत मिनोचा की हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी थी। कारोबारी परिवार से जुड़े इस मामले में जब बहू का नाम सामने आया तो पुलिस की जांच और भी गंभीर हो गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे कथित मकसद क्या था और वारदात को अंजाम देने में किसकी क्या भूमिका रही।
मामले में गिरफ्तार किए गए दो नौकरों से भी पुलिस ने पूछताछ की है। जांच में पुलिस डिजिटल साक्ष्यों के साथ आरोपियों के बयानों और घटनाक्रम को जोड़कर देख रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि हत्या से पहले और बाद की पूरी गतिविधियों की कड़ी को समझा जा सके।
पुलिस का दावा है कि मोबाइल फोन से मिले साक्ष्य जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, किसी भी डिजिटल चैट या सर्च हिस्ट्री को अपराध में संलिप्तता का अंतिम प्रमाण मानने से पहले उसकी तकनीकी और कानूनी जांच जरूरी होती है। पुलिस इन साक्ष्यों को अन्य सबूतों के साथ मिलाकर मामले की कड़ियां जोड़ रही है।
फिलहाल शालू मिनोचा और दोनों आरोपी नौकर जेल में हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कारोबारी की हत्या की कथित साजिश में किसकी कितनी भूमिका थी और वारदात के पीछे वास्तविक वजह क्या थी। हत्याकांड से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आने वाले दिनों में और खुलासे कर सकती है।