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कैसरबाग कोर्ट परिसर मारपीट मामले की जांच अब इंटेलिजेंस के हवाले, हाईकोर्ट ने बदली जांच एजेंसी

 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित कोर्ट परिसर में दिल्ली से आए वकील और उनके वादी के साथ हुई मारपीट के मामले में अब जांच की जिम्मेदारी इंटेलिजेंस को सौंप दी गई है। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी में बदलाव किया है। इससे पहले इस प्रकरण की जांच इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को सौंपी गई थी।

मामले के सामने आने के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और वकीलों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे। दिल्ली से आए अधिवक्ता और उनके पक्षकार के साथ कथित मारपीट की घटना ने न्यायिक परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी थी। घटना के बाद संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई और मामले की जांच शुरू की गई।

हाईकोर्ट ने अब इस मामले की जांच इंटेलिजेंस को सौंपते हुए पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल के निर्देश दिए हैं। जांच एजेंसी घटना के कारणों, इसमें शामिल लोगों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक समेत सभी पहलुओं की जांच करेगी।

सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान घटना से जुड़े वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों को जुटाया जाएगा। इसके अलावा यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कोर्ट परिसर में हुई इस घटना के पीछे कोई सुनियोजित साजिश तो नहीं थी।

घटना के बाद अधिवक्ता समुदाय में भी नाराजगी देखने को मिली थी। वकीलों ने कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। न्यायिक परिसरों में इस तरह की घटनाओं को लेकर समय-समय पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा भी की जाती रही है।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब इंटेलिजेंस टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद घटना की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल जांच एजेंसी ने मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।