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आपका 20 का सिक्का नकली तो नहीं? सहारनपुर में पकड़ी गई फैक्ट्री में रोज बनते थे 12 हजार सिक्के

 

सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा होने के बाद बाजार में चल रहे 20 रुपये के सिक्कों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस ने एक ऐसी फैक्ट्री पकड़ी है, जहां कथित तौर पर रोजाना करीब 12 हजार नकली सिक्के तैयार किए जाते थे। इस कार्रवाई के बाद लोगों के मन में यह चिंता है कि कहीं उनकी जेब में रखा 20 रुपये का सिक्का भी नकली तो नहीं है। हालांकि, किसी भी सिक्के को केवल शक के आधार पर नकली नहीं माना जा सकता।

फैक्ट्री में रोज तैयार होते थे हजारों सिक्के

सहारनपुर में पुलिस की कार्रवाई के दौरान नकली सिक्के बनाने वाली फैक्ट्री का पता चला। शुरुआती जानकारी के अनुसार, यहां बड़ी मात्रा में नकली सिक्कों का निर्माण किया जा रहा था। फैक्ट्री में रोजाना करीब 12 हजार सिक्के तैयार किए जाने की बात सामने आई है। इतनी बड़ी संख्या में सिक्कों का निर्माण होने से यह आशंका बढ़ गई है कि नकली सिक्कों को बाजार में खपाने के लिए एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।

पुलिस की जांच में फैक्ट्री से जुड़े लोगों, मशीनों और सिक्के बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। नकली सिक्कों की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं, इसकी भी जांच की जा सकती है।

कैसे पहचानें 20 रुपये का असली सिक्का?

20 रुपये का सिक्का भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया गया वैध मुद्रा सिक्का है। इसे पहचानने के लिए सिक्के पर बने डिजाइन, अंक और धातु की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा सकता है। असली सिक्के पर सामान्य तौर पर सामने की तरफ अशोक स्तंभ का चिन्ह और नीचे सत्यमेव जयते लिखा होता है। दूसरी तरफ 20 रुपये का अंक और रुपये का चिन्ह दिखाई देता है।

हालांकि, केवल डिजाइन देखकर सिक्के के असली या नकली होने का पक्का फैसला नहीं किया जा सकता। नकली सिक्के बनाने वाले लोग असली सिक्कों की नकल करने की कोशिश करते हैं। इसलिए सिक्के का वजन, आकार, किनारे की बनावट और धातु की गुणवत्ता भी जांच का हिस्सा हो सकती है।

नकली सिक्का मिलने पर क्या करें?

अगर आपको किसी सिक्के पर शक है तो उसे तुरंत किसी दूसरे व्यक्ति को चलाने की कोशिश न करें। सिक्के को अलग रखें और नजदीकी बैंक में इसकी जांच करवाएं। बैंक कर्मचारी सिक्के की पहचान और उसकी वैधता के संबंध में मार्गदर्शन दे सकते हैं।

ध्यान रखें कि बाजार में 20 रुपये के सभी सिक्के नकली नहीं हैं। सहारनपुर में फैक्ट्री पकड़े जाने का मतलब यह नहीं है कि हर 20 रुपये का सिक्का संदिग्ध है। लोगों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक जानकारी और बैंक की जांच पर भरोसा करना चाहिए।

पुलिस जांच से सामने आएगी पूरी सच्चाई

सहारनपुर में पकड़ी गई फैक्ट्री के मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण है। नकली सिक्कों का निर्माण, उनकी सप्लाई और बाजार में इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों के सामने आने के बाद ही पता चलेगा कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था। फिलहाल लोगों को सतर्क रहने, संदिग्ध सिक्कों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने और बिना पुष्टि के किसी सिक्के को नकली घोषित नहीं करने की सलाह दी जाती है।