लखनऊ में गड्ढे में गिरा मासूम, इलाज के लिए तीन अस्पतालों में भटके परिजन; पुलिस भी 3 घंटे तक ढूंढती रही
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां एक मासूम गड्ढे में गिर गया। हादसे के बाद परिजन उसे लेकर इलाज के लिए एक के बाद एक तीन अस्पतालों में भटकते रहे, लेकिन बच्चे की जान नहीं बच सकी। घटना के बाद मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद परिजन गंभीर हालत में बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे। बच्चे को बचाने के लिए उन्होंने अलग-अलग अस्पतालों में इलाज की कोशिश की, लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। तीन अस्पतालों में भटकने के बाद भी डॉक्टर मासूम की जान नहीं बचा सके।
तीन घंटे तक परिजनों को तलाशती रही पुलिस
घटना के बाद पुलिस के सामने एक और चुनौती खड़ी हो गई। पुलिस करीब तीन घंटे तक बच्चे के परिजनों और उनके घर की तलाश में भटकती रही। शुरुआती जानकारी के आधार पर पुलिस को परिवार का सही ठिकाना पता नहीं चल पा रहा था।
पुलिस ने परिजनों से संपर्क करने और उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए तकनीकी मदद ली। इसी दौरान एक फोन नंबर को सर्विलांस पर लगाया गया। फोन की लोकेशन ट्रेस करने के बाद पुलिस को परिवार के घर का पता चल सका।
सर्विलांस से मिली घर की लोकेशन
पुलिस ने जब संबंधित फोन नंबर को सर्विलांस पर डाला तो उसकी लोकेशन सामने आई। इसके आधार पर पुलिस परिवार के घर तक पहुंची। हालांकि, तब तक मासूम की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
इस घटना ने शहर में खुले गड्ढों और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर निर्माण कार्यों या अन्य वजहों से सड़कों और आसपास के इलाकों में गड्ढे खुले रह जाते हैं। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से हादसों का खतरा बना रहता है।
घटना की जांच में जुटी पुलिस
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने घटना से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मासूम किन परिस्थितियों में गड्ढे में गिरा और वहां सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे।
साथ ही पुलिस अस्पतालों में बच्चे के इलाज और उसे वहां ले जाने से जुड़ी जानकारी भी जुटा सकती है, ताकि घटनाक्रम की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके।
इस दर्दनाक घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर खुले गड्ढों को लेकर जिम्मेदार विभागों की ओर से कितनी गंभीरता बरती जा रही है। एक मासूम की जान जाने के बाद अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर जिम्मेदारी तय करता है या नहीं।