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यूपी में बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव, क्षमता से ज्यादा खपत बनी ब्रेकडाउन की बड़ी वजह

 

Uttar Pradesh में भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं ने करीब 8 करोड़ 57 लाख किलोवॉट का लोड स्वीकृत करा रखा है, जबकि 132 केवी ट्रांसफॉर्मरों की कुल क्षमता केवल 6 करोड़ 25 लाख 76 हजार किलोवॉट ही है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वीकृत क्षमता से अधिक बिजली खपत होने के कारण बार-बार ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा हो रही है।

ऊर्जा विभाग के अनुसार घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं द्वारा जरूरत से अधिक बिजली उपयोग किए जाने से ट्रांसफॉर्मर और बिजली लाइनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। खासकर गर्मी के मौसम में एसी, कूलर और अन्य उपकरणों के बढ़ते इस्तेमाल से बिजली मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही है।

अधिकारियों का कहना है कि कई उपभोक्ता स्वीकृत लोड से अधिक बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड हो रहे हैं। इसका सीधा असर बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ रहा है और कई क्षेत्रों में फॉल्ट और ब्रेकडाउन की घटनाएं बढ़ रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली वितरण नेटवर्क को समय के साथ अपग्रेड नहीं करने और तेजी से बढ़ती मांग के बीच संतुलन की कमी भी समस्या को गंभीर बना रही है। शहरी क्षेत्रों में बढ़ते निर्माण और ग्रामीण इलाकों में बिजली पहुंच बढ़ने से खपत लगातार बढ़ रही है।

ऊर्जा विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आवश्यकता के अनुसार ही बिजली का उपयोग करें और अधिक लोड वाले उपकरणों के इस्तेमाल में सावधानी बरतें। साथ ही जिन उपभोक्ताओं का वास्तविक उपयोग स्वीकृत लोड से अधिक है, उन्हें अपना लोड बढ़वाने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते बिजली ढांचे को मजबूत नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में समस्या और बढ़ सकती है। इसके लिए नए ट्रांसफॉर्मर, आधुनिक ग्रिड सिस्टम और बेहतर वितरण नेटवर्क की जरूरत बताई जा रही है।

गर्मी के कारण कई शहरों और कस्बों में बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। इससे आम लोगों के साथ उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।

फिलहाल ऊर्जा विभाग लगातार निगरानी और सुधार कार्यों में जुटा हुआ है, लेकिन बढ़ती बिजली मांग और सीमित क्षमता के बीच प्रदेश की बिजली व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी होती दिखाई दे रही है।