टेंडर घोटाले में बढ़ी कार्रवाई, दो IAS अधिकारी पहले ही निलंबित; कई अन्य अफसर भी जांच के दायरे में
चर्चित टेंडर घोटाले की जांच में लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं। मामले में आरोपी रिशुश्री से कथित सांठगांठ के आरोपों के चलते दो आईएएस अधिकारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। अब जांच एजेंसियों की नजर कई अन्य अधिकारियों पर भी है, जिनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
रिशुश्री से संबंधों को लेकर कार्रवाई
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संबंधित दो आईएएस अधिकारियों पर आरोपी रिशुश्री के साथ कथित मिलीभगत के आरोप लगे थे। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया था।
अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
कई अन्य अफसरों की भूमिका की जांच
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब इस मामले में अन्य आईएएस अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि टेंडर प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता या प्रभाव का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।
जांच का दायरा बढ़ने के साथ कई अधिकारियों से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
टेंडर प्रक्रिया पर उठे सवाल
घोटाले के सामने आने के बाद सरकारी टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित अनियमितताओं से किसे लाभ पहुंचा और निर्णय प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल था।
जांच एजेंसियां जुटा रही साक्ष्य
मामले में दस्तावेजी साक्ष्यों, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह तथ्यों और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे बढ़ रही है।
आगे और कार्रवाई की संभावना
जांच से जुड़े सूत्रों का मानना है कि आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। यदि अन्य अधिकारियों की संलिप्तता के पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल टेंडर घोटाले की जांच जारी है और प्रशासनिक हलकों में इस मामले को लेकर काफी चर्चा बनी हुई है। सभी की नजर जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी है।